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एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के लिए इस ऐप पर मिलते हैं पार्टनर, 40 लाख भारतीय रजिस्टर्ड, जानें अब NHRC ने क्यों जताई चिंता

Gleeden App : एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर... ये शब्द देश में एक बार फिर चर्चा में है। इस शब्द के चार्चा में होने की वजह है एक डेटिंग ऐप। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक नोटिस भेजकर ग्लीडेन ऐप को लेकर चिंता जताई है

Rajat Kumarअपडेटेड Apr 10, 2026 पर 4:10 PM
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के लिए इस ऐप पर मिलते हैं पार्टनर, 40 लाख भारतीय रजिस्टर्ड, जानें अब NHRC ने क्यों जताई चिंता
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर...ये शब्द देश में एक बार फिर चर्चा में है। इस शब्द के चार्चा में होने की वजह है एक डेटिंग ऐप।

शादी एक ऐसा रिश्ता है जो भरोसे और प्यार पर टिका होता है लेकिन जब इस रिश्ते में कमी आने लगती है तो कई बार लोग बाहर सहारा ढूंढने लगते हैं।बीते कुछ वर्षों में रोमांटिक रिलेशनशिप को लेकर भारत में  लोगों का नजरिया बदला है। शादी के बाद भी लोग रिलेशनशिप में रहते हैं।  इसे ही एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कहा जाता है। वहीं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर...ये शब्द देश में एक बार फिर चर्चा में है। इस शब्द के चार्चा में होने की वजह है एक डेटिंग ऐप। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक नोटिस भेजकर ग्लीडेन ऐप (Gleeden App) को लेकर चिंता जताई है।

ऐप को लेकर की गई थी शिकायत

आयोग ने इस मामले में 23 अप्रैल तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। 9 अप्रैल को भेजे गए इस नोटिस की कॉपी के अनुसार, आयोग यह कार्रवाई सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन की शिकायत के आधार पर कर रहा है। अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन ने अपनी शिकायत में कहा है कि ग्लीडेन ऐप का गलत इस्तेमाल हो सकता है। संस्था का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं का शोषण किया जा सकता है और नाबालिग भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इससे यूजर्स की सुरक्षा, नियमों की निगरानी और समाज के नैतिक मूल्यों पर असर पड़ने जैसे गंभीर मुद्दे सामने आते हैं।

क्या है ये ग्लीडेन ऐप

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