NITI Aayog Security scare: गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित नीति आयोग परिसर में शुक्रवार (23 जनवरी) को कथित सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया। सूत्रों ने बताया कि संजीव कुमार नामक व्यक्ति पानी लेने के बहाने परिसर में घुसने करने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर तैनात सतर्क सुरक्षा कर्मियों को उस पर शक हुआ। फिर उन्होंने उससे वैध पहचान पत्र और अनुमति दिखाने को कहा। नीति आयोग परिसर संसद मार्ग पर स्थित है। यह कर्तव्य पथ के बेहद पास है। 26 जनवरी को यहीं गणतंत्र दिवस परेड प्रस्तावित है, जिसे देखते हुए यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि कुमार और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। इसके बाद व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसके पीएमओ से जुड़े होने के दावे और पहचान की जांच की।
एक अधिकारी ने कहा, "मानक सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया गया। व्यक्ति उस समय परिसर में मौजूद होने का संतोषजनक कारण नहीं बता सका, इसलिए उसे रोका गया।" सूत्रों ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद कुमार को छोड़ दिया गया।
अधिकारियों ने साफ किया कि कुमार के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। उस व्यक्ति ने दावा किया कि आगे की जांच के लिए उसके ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी रख ली गई है। इस पूरे मामले पर पुलिस ने खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। फिलहाल, नीति आयोग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 70 से ज्यादा पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियों को तैनात किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मी पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल करेंगे। इसमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग टेक्नोलॉजी होगी।
ये भारत में बने स्मार्ट ग्लास अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के पुलिस डेटाबेस से रियल टाइम में जुड़े होंगे। इससे जमीन पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की पहचान करने में तेजी से मदद मिलेगी। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने कहा, "ये पहनने वाले डिवाइस (स्मार्ट ग्लास) पुलिस अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन से जुड़े होंगे। इससे उन्हें क्रिमिनल डेटाबेस तक पहुंच मिलेगी।"
उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, तो स्मार्ट ग्लास पर एक हरा बॉक्स दिखाई देगा। जबकि एक लाल बॉक्स आपराधिक रिकॉर्ड का संकेत देगा। नई दिल्ली में FRS से लैस कैमरों सहित हजारों CCTV कैमरे लगाए गए हैं। FRS से लैस मोबाइल वाहन भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए जाएंगे। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में लगभग 4,000 स्थानों पर छत पर सुरक्षा चौकियां बनाई गई हैं।