Nitin Nabin Exclusive Interview: BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा दावा- 'पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत से बनाएंगे सरकार'
Nitin Nabin Exclusive Interview: बंगाल चुनाव पर नितिन नबीन ने कहा, 'बंगाल में 'मां, माटी, मानुष' के वादे के साथ जो सरकार आई, उसने महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार किया। इस बार पब्लिक का मूड बता रहा है कि हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रहे हैं। हम बहुमत से कहीं बड़े आंकड़े के साथ आगे रहेंगे'
4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश हो रहे चुनाव के बीच उन्होंने न्यूज18 के MD और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की है
Nitin Nabin Exclusive Interview: बिहार से आने वाले नितिन नबीन ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली है। 45 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी की बागडोर संभाल कर उन्होंने इतिहास रच दिया। नितिन नबीन बीजेपी के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष हैं। 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश हो रहे चुनाव के बीच उन्होंने न्यूज18 के MD और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की है। इस इंटरव्यू में उन्होंने न केवल महिला आरक्षण बिल की बाधाओं पर चर्चा की, बल्कि पश्चिम बंगाल में 'मां, माटी, मानुष' के नारे की जमीनी हकीकत और आगामी चुनावों में बीजेपी की रणनीति पर भी अपनी बात रखी। आइए आपको बताते हैं क्या-क्या कहा उन्होंने।
राहुल जोशी: न्यूज18 को इंटरव्यू देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 45 साल की उम्र में भारतीय जनता पार्टी का इतना अहम पद मिलने की खबर आपको कैसे मिली? उस वक्त आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी और सबसे पहले किसका फोन आया?
नितिन नबीन: हम लोग भारतीय जनता पार्टी में काम करते हुए लंबा समय बिता चुके हैं। पार्टी के निर्णय की अपनी एक प्रक्रिया है। संगठन के कई कामों में मौका मिलने के कारण पिछले 10-15 वर्षों से हम सक्रिय हैं। जहां तक जानकारी की बात है, तो स्वाभाविक है कि नेतृत्व (प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष) का पहला संवाद रहता है। मैं क्षेत्र में एक बड़े कार्यक्रम में था, तभी सूचना मिली। इतने बड़े निर्णय पर खुद में थोड़ा चिंतन भी होता है और मन में चुनौती का भाव भी आता है कि हम इस जिम्मेदारी को कितना आगे ले जा पाएंगे। उस समय एक मिश्रित प्रतिक्रिया थी। प्रधानमंत्री जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का संवाद सुनकर भरोसा भी लगा और जिम्मेदारी का अहसास भी।
राहुल जोशी: महिला आरक्षण पर विपक्ष का कहना है कि अगर आपको आरक्षण देना है तो अभी 33% दे दीजिए, इसमें सीट बढ़ाने और डीलिमिटेशन की बात कहां से आ गई?
नितिन नबीन: डीलिमिटेशन पर गृह मंत्री जी ने हाउस के फ्लोर पर स्पष्ट कहा था कि यह विपक्ष का बनाया हुआ है। क्या उनको अपने बनाए कानूनों पर भरोसा नहीं है? आज हम उन्हीं के बनाए डीलिमिटेशन से आगे बढ़ना चाहते हैं ताकि आधी आबादी को अधिक हिस्सेदारी मिले। अगर यह आज हो जाता, तो देश भर के राज्यों में 800 से अधिक सीटों में 33% महिलाएं आतीं। वे जो खेल खेल रहे हैं, वह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच का अनुपात है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी ने सदन में कहा था कि आप आइए, हम संशोधन करके संतुष्ट करने को तैयार हैं, लेकिन उनका विषय संतुष्टि नहीं, बल्कि नकारात्मक सोच है।
राहुल जोशी: आपको स्थापित करने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं ने भी आपको 'बॉस' बताया, इस पर क्या कहेंगे?
नितिन नबीन: देखिए, यही बीजेपी संगठन की खूबसूरती है। अध्यक्ष का पद सर्वोच्च होता है। उस परिपाटी से सभी कार्यकर्ता, चाहे वे प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, अपने आप को उस अध्यक्ष पद की गरिमा से जोड़कर देखते हैं।
राहुल जोशी: नितिन जी, महिला आरक्षण बिल पारित न हो पाना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। इस पर आपकी क्या राय है?
नितिन नबीन: इस बिल के पारित न हो पाने की कसक हमें इसलिए है क्योंकि हम देश की माता-बहनों को हिस्सेदारी देना चाहते थे। प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के बाद यह हिस्सेदारी की बात थी। दुख इस बात का है कि हम समय पर उन्हें यह हक नहीं दिला पाए। लेकिन बीजेपी का संकल्प पूरा होता ही है। हमारी इच्छा थी कि 2029 के चुनाव के पहले हम महिलाओं को बड़ी हिस्सेदारी से जोड़ पाएं। जब सामान्य महिलाओं का नेतृत्व निकलकर आएगा, तो निर्णयों में उनकी प्राथमिकता नजर आएगी। विपक्ष का दुर्भाग्य है कि उन्होंने अच्छी चीजों के लिए कभी सकारात्मक सोच नहीं रखी। मोदी का विरोध करते-करते वे महिलाओं के विरोध में खड़े हो गए।
राहुल जोशी: इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसे इलेक्शन के बाद भी लाया जा सकता था?
नितिन नबीन: हमने इसकी तैयारी 2-3 महीने पहले से की थी। यह स्पष्ट था कि जब 2026 में फ्रीजिंग कैपिंग (परिसीमन पर रोक) हटेगी, तब हम इसे करेंगे और आज वह समय आ गया था। चुनाव तो आते-जाते रहेंगे। क्या चुनाव के कारण पार्लियामेंट के फैसले रुक जाएंगे? राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कितनी बार असम या पुडुचेरी गए? उनसे ज्यादा कार्यक्रम तो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी कर रहे हैं। विपक्ष केवल इसे टालना चाहता था क्योंकि वे एजेंडे पर डिबेट नहीं कर पा रहे थे।
राहुल जोशी: विपक्ष का कहना है कि आपने कोई सलाह-मशविरा नहीं किया और जल्दबाजी में इसे निकालने की कोशिश की?
नितिन नबीन: विपक्ष अपनी अंतरात्मा से पूछे कि बातचीत हुई या नहीं। सरकार होने के नाते हमारा काम सबको साथ लेकर चलना है। हम विपक्ष को सरकार का अंग मानते हैं और समन्वय हमारी प्राथमिकता है। प्रतीकात्मक और कई दौर की बातचीत का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री जी ने तो यहां तक कहा था कि हम आपके नाम का विज्ञापन भी दे देंगे कि यह आपके सहयोग से हुआ, लेकिन उनका ध्यान क्रेडिट से ज्यादा मोदी विरोध पर रहता है।
राहुल जोशी: वे कह रहे हैं कि आपने माइनॉरिटी वोट बैंक काट दिया ताकि चुनाव जीत सकें?
नितिन नबीन: बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम निश्चित रूप से कटेंगे। वे माइनॉरिटी हैं या मेजोरिटी, इससे फर्क नहीं पड़ता। हम इस देश के नागरिकों के लिए जवाबदेह हैं, विदेशी नागरिकों के लिए नहीं।
राहुल जोशी: करीब 27 लाख लोग इस बार वोट नहीं दे पा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि उनके पास 2002 की मैपिंग और सरकारी दस्तावेज हैं, फिर भी नाम नहीं है। इसे कैसे देखते हैं?
नितिन नबीन: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग समय देता है। सभी राज्यों ने इसी टाइम प्रोसेस में काम पूरा किया। अगर लोगों ने समय रहते दावा किया होता तो नाम आ जाते। हमें यह देखना चाहिए कि जिन्हें अधिकार मिलना चाहिए, उन्हें मिल रहा है। जो पात्र नहीं हैं, उनकी चिंता में बेचैनी क्यों है?
राहुल जोशी: विपक्ष का कहना है कि बंगाल में 2.5 लाख पैरामिलिट्री फोर्सेस लगी हुई हैं, ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कैसे होगा?
नितिन नबीन: मेरा मानना है कि 'फ्री एंड फेयर' इलेक्शन के लिए जो जरूरी हो, वह करना चाहिए। अगर निष्पक्ष चुनाव के लिए इतनी फोर्स चाहिए, तो वह उपलब्ध करानी ही पड़ेगी।
राहुल जोशी: बंगाल में महिलाओं की भूमिका अहम है। वहां 'लक्ष्मी भंडार' जैसी स्कीमें हैं जहां महिलाओं को 1500 रुपये मिलते हैं। क्या यह ममता दीदी के पक्ष में फैक्टर नहीं होगा?
नितिन नबीन: देश भर की महिलाएं बीजेपी के साथ हैं। बंगाल में 'मां, माटी, मानुष' के वादे के साथ जो सरकार आई, उसने महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार किया। पूरे राज्य में असुरक्षा और गुंडा राज है। जहां तक 1500 रुपये की बात है, महिलाओं का कहना है कि एक हाथ से दीदी 1500 रुपये देती हैं और दूसरी तरफ वसूली करने वाले पहुंच जाते हैं। महिलाओं में भारी रोष है। एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए वहां महिलाओं का शोषण हुआ और उन्होंने ही महिला आरक्षण का विरोध किया। उनसे क्या उम्मीद की जाए?
राहुल जोशी: क्या आपकी 3000 रुपये वाली स्कीम का संदेश जमीन तक पहुंच पाया है?
नितिन नबीन: हम अपने संकल्प पत्र को हर फोरम पर लेकर जाते हैं। लोगों का मोदी की गारंटी पर विश्वास है। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड गवाह है कि हमने जो कहा, वो किया। महिलाएं निश्चित रूप से हमारे साथ आएंगी।
राहुल जोशी: बंगाल में 150, 160 या 170 सीटें? आपके इंटरनल सर्वे का क्या आंकड़ा है?
नितिन नबीन: पब्लिक का मूड बता रहा है कि हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रहे हैं। हम बहुमत से कहीं बड़े आंकड़े के साथ आगे रहेंगे। अंदर के आंकड़े क्या, अब तो जनता वोट कर रही है वो सारे आंकड़ें शाम तक कुछ तो आपके पास भी आ जाएंगे और अगला फेस भी है ।
राहुल जोशी: तमिलनाडु में NDA से क्या उम्मीदें हैं?
नितिन नबीन: वहां DMK के भ्रष्टाचार, अराजकता और सनातन विरोधी मानसिकता के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है। वहां हमारी भूमिका छोटी है, हम अलायंस में हैं और AIADMK हमारे मित्र दल हैं। मुझे स्पष्ट दिख रहा है कि इस बार DMK को भारी नुकसान होने वाला है।