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No Confidence Motion: क्या अविश्वास प्रस्ताव के जरिए लोकसभा स्पीकर को हटा पाएगा विपक्ष? नंबर गेम पर टिका है पूरा खेल

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव के लिए नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94C के तहत लोकसभा महासचिव को दिया गया है। बड़ी बात ये है कि नोटिस में वर्ष 2026 के बजाय 2025 लिखा गया है, जो तफैक्चुअल एरर के कारण इसे अस्वीकार करने का पर्याप्त आधार है

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 10, 2026 पर 3:26 PM
No Confidence Motion: क्या अविश्वास प्रस्ताव के जरिए लोकसभा स्पीकर को हटा पाएगा विपक्ष? नंबर गेम पर टिका है पूरा खेल
No-Confidence Motion: कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है

लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सदन का तापमान अपने चरम पर है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने का मौका न मिलने और पक्षपात के आरोपों के बीच कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस दिया है। इस प्रस्ताव पर विपक्ष के 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी TMC के सांसदों ने इस पर साइन नहीं किए हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव के लिए नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94C के तहत लोकसभा महासचिव को दिया गया है। बड़ी बात ये है कि नोटिस में वर्ष 2026 के बजाय 2025 लिखा गया है, जो तफैक्चुअल एरर के कारण इसे अस्वीकार करने का पर्याप्त आधार है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस, DMK और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों के लगभग 120 सांसदों ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इसमें भाग नहीं लिया।

लेकिन क्या विपक्ष वाकई उन्हें पद से हटा पाएगा? आइए सदन के संख्या बल और संवैधानिक नियमों के आधार पर इसका पूरा विश्लेषण करते हैं।

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