नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस नतीजे पर पहुंची है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था। जांच में कहा गया है कि अगर समय पर सही कदम उठाए गए होते और गंभीर चूकें न होतीं, तो 27 साल के युवराज की जान बचाई जा सकती थी। जांच रिपोर्ट में सिस्टम की कई बड़ी कमियां सामने आई हैं। इससे शहर के प्रशासन, आपदा प्रबंधन और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। SIT ने बताया कि कई विभागों की लापरवाही इस मौत की वजह बनी।
