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नोएडा में मौत के खुले गड्ढे...युवराज को सिस्टम ने मारा, SIT की जांच के रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, फायर सर्विस और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े विभागों ने समय पर सही कार्रवाई नहीं की। देरी और लापरवाही के कारण हालात बिगड़ते चले गए और आखिरकार युवक की जान चली गई। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का साफ मानना है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 3:49 PM
नोएडा में मौत के खुले गड्ढे...युवराज को सिस्टम ने मारा,  SIT की जांच के रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस नतीजे पर पहुंची है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था। जांच में कहा गया है कि अगर समय पर सही कदम उठाए गए होते और गंभीर चूकें न होतीं, तो 27 साल के युवराज की जान बचाई जा सकती थी। जांच रिपोर्ट में सिस्टम की कई बड़ी कमियां सामने आई हैं। इससे शहर के प्रशासन, आपदा प्रबंधन और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। SIT ने बताया कि कई विभागों की लापरवाही इस मौत की वजह बनी।

सामने आई ये बड़ी रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, फायर सर्विस और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े विभागों ने समय पर सही कार्रवाई नहीं की। देरी और लापरवाही के कारण हालात बिगड़ते चले गए और आखिरकार युवक की जान चली गई। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का साफ मानना है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था। अधिकारी के अनुसार, कई सिस्टम एक साथ फेल हो गए थे, जैसे सड़क सुरक्षा, ड्रेनेज व्यवस्था, आपदा राहत और कमांड कंट्रोल सिस्टम। अगर इनमें से कोई भी एक व्यवस्था ठीक से काम करती, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।

हादसे में गई थी युवराज की जान

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