Odisha Home Guard recruitment exam: ओडिशा के संबलपुर की एक तस्वीर पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया हर तरफ छाई हुई है। इसे देखकर लगता है कि जैसे कुछ लोग सड़क पर बैठ परीक्षा दे रहे हैं। इससे जुड़े तथ्य और भी ज्यादा हैरान करने वाले हैं। ओडिशा में होम गार्ड के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए राज्यभर से 10000 से 11000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। परीक्षा देने 8000 से 9000 कैंडिडेट पहुंच गए। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पहुंचने की कल्पना प्रशासन ने भी नहीं की होगी। ये तस्वीर राज्य ही नहीं देश में बेरोजगारी की भयानक तस्वीर पेश करती है। पेपर देते हुए लोगों की तस्वीरों और वीडियो की खूब चर्चा हो रही है।
5वीं पास भी आवेदन के योग्य
संबलपुर पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों में सहायता के लिए होम गार्ड पदों की भर्ती निकाली थी। इसके तहत ड्राइवर और कंप्यूटर से जुड़े विभागों में 187 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनके लिए दैनिक मानदेय 612 रुपये तय है, जो मासिक रूप से लगभग 18 हजार रुपये बनता है। योग्यता केवल 5वीं कक्षा पास रखी गई, फिर भी आवेदनों की बाढ़ आ गई। करीब 10-11 हजार युवाओं ने फॉर्म भरा, लेकिन 8 हजार से अधिक परीक्षा में शामिल हुए। यह परीक्षा 16 दिसंबर को आयोजित की गई थी।
जमदारपाली रनवे को बनाया परीक्षा केंद्र
90 मिनट की परीक्षा में पूछा जीके और निबंध
इस परीक्षा में आए टॉपिक्स में सामान्य ज्ञान और निबंध जैसे प्रश्न शामिल थे, जिसके लिए 90 मिनट का समय मिला था।
कड़ी निगरानी के बीच हुई परीक्षा
परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। एसपी मुकेश भामू के निर्देश पर तीन अतिरिक्त एसपी, दर्जनों इंस्पेक्टर और सैकड़ों कर्मी मौजूद रहे। ड्रोन से भी निगरानी की गई ताकि कोई गड़बड़ी न हो। यह इंतजाम इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए जरूरी था।
ओडिशा के संबलपुर का यह दृश्य असामान्य था, क्योंकि आमतौर पर परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाती हैं, न कि एयरस्ट्रिप जैसी खुली जगह पर। इस तस्वीर ने राज्य में बेरोजगारी की समस्या से पर्दा हटा दिया है। इसने सोशल मीडिया में पूरे देश में बहस छेड़ दी है। यह घटना युवाओं में सरकारी नौकरी की ललक और रोजगार संकट को दर्शाती है। कई उम्मीदवार उच्च शिक्षित जैसे एमबीए और आईटीआई धारक थे, जो निजी क्षेत्र में अवसर न मिलने से ऐसे पदों की ओर मुड़े।