ड्रग्स से भी बड़ा खतरा है ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग, बर्बाद हो रहे हैं मिडिल क्लास परिवार: अश्विनी वैष्णव

प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 सभी तरह की ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संबंधी गतिविधियों को बैन करता है। 21 अगस्त को इसे राज्यसभा से मंजूरी मिली। लोकसभा से यह पहले ही पास हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन जाएगा

अपडेटेड Aug 21, 2025 पर 11:40 PM
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प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 पर अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।

संसद ने 21 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने और, एजुकेशनल और सोशल ऑनलाइन गेम्स को बढ़ावा देने वाले एक अहम बिल को मंजूरी दी। बिल का नाम 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025' है। इस बिल के जरिए हर तरह के ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन रियल मनी गेम्स को ड्रग्स से भी बड़ा खतरा बताया है, जो बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

मनीकंट्रोल के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर कहा कि ऐसे खेलों से जुड़ी समस्याएं एक 'सामाजिक खतरा' बन गई हैं। अगर इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया तो ये नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं। प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 पर अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। 21 अगस्त को इसे राज्यसभा से मंजूरी मिली। लोकसभा से यह पहले ही पास हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह बिल कानून बन जाएगा।

तबाह हो रहे हैं परिवार


अश्विनी वैष्णव का कहना है, "हमने ऐसे कई मामले देखे हैं, जहां पूरे परिवार प्रभावित हुए, जहां छात्रों ने इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कर्ज में डूबने के कारण अपराध का सहारा भी लिया। अगर हमने अभी कार्रवाई नहीं की होती, तो यह बेकाबू हो जाता।" मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार को उद्योग जगत की चिंताओं की बजाय मिडिल क्लास परिवारों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जो तबाह हो रहे हैं।

इंटरव्यू के दौरान वैष्णव ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपने अंतर्राष्ट्रीय रोग वर्गीकरण (International Classification of Diseases) के तहत गेमिंग डिसऑर्डर को औपचारिक रूप से एक बीमारी के रूप में मान्यता दी है।

राज्यसभा में बिल को पेश करते हुए वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेम आज समाज में बड़ी चिंता का विषय बन गया है। कई ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें इसकी लत लग जाती है और वह जिदंगी भर की बचत ऑनलाइन गेम्स में उड़ा देते हैं।

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बिल में कितने जुर्माने और सजा का प्रावधान

यह बिल सभी तरह की ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संबंधी गतिविधियों को बैन करता है। इनमें पोकर, रमी जैसे गेम शामिल हैं। बिल में ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश या सुविधा प्रदान करने पर 3 साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। मनी गेम का विज्ञापन करने पर 2 साल तक की कैद और/या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। मनी गेम से संबंधित वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने पर 3 साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार अपराध करने पर 3 से 5 साल तक की कैद और 2 करोड़ रुपये तक के जुर्माने सहित बढ़ी हुई सजा दी जा सकती है।

नए बिल के जरिए सरकार ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध तो लगाएगी ही, साथ ही ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को भी बढ़ावा देगी। सरकार इन्हें नॉन-एडिक्टिव और फायदेमंद मानती है। वैष्णव ने कहा, "हम गेमिंग इकोसिस्टम को समाज के लिए बेहतर बनाने के तरीकों से सुधार रहे हैं, ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स इसी कैटेगरी में आते हैं।" ई-स्पोर्ट्स, एजुकेशनल और सोशल गेम्स सहित ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को बढ़ावा देने, उसे रेगुलेट करने के लिए एक अथॉरिटी सेटअप करने का भी प्रावधान है।

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