Aadhaar in Assam: असम में अब 18 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति नया यानी पहली बार आधार कार्ड नहीं बनवा पाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने गुरुवार (21) को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तहत 18 वर्ष से अधिक की आयु के व्यक्ति राज्य में पहली बार आधार कार्ड नहीं बनवा पाएंगे। उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि 18 साल से अधिक की आयु के व्यक्तियों को आधार कार्ड का आवेदन करने के लिए केवल एक महीने का समय दिया जाएगा। बशर्ते कि अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाया हो।
हालांकि, उन्होंने कहा कि चाय बागानों में रहने वाले आदिवासी, 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को अगले एक साल तक आधार कार्ड जारी किए जाएंगे। पीटीआई के मुताबिक, शर्मा ने कहा, "आधार कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को नागरिकों की पहचान की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम पिछले एक साल में बांग्लादेश से संभावित घुसपैठ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार द्वारा ध्यान दिए जाने को प्रदर्शित करता है।"
सीएम ने कहा, "आधार कार्ड जारी करने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को नागरिकों की पहचान की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम पिछले एक साल में बांग्लादेश से संभावित अवैध घुसपैठ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने पर सरकार के ध्यान को दर्शाता है।"
1 अक्टूबर से लागू होगा नया आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आदेश 1 अक्टूबर से लागू होगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और चाय बागान समुदायों के सदस्यों को आधार कार्ड के लिए आवेदन करने और प्राप्त करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह समय समाप्त होने के बाद आधार कार्ड केवल दुर्लभ मामलों में ही 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को जारी किए जाएंगे। केवल जिला पुलिस और विदेशी ट्रिब्यूनल से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही उनको नए आधार जारी किए जाएंगे।
नए आधार के लिए करना होगा ये काम
सीएम ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, "अगर कोई व्यक्ति किसी भी कारण से एक वर्ष के बाद भी छूट जाता है, तो उसे संबंधित उपायुक्त के पास आवेदन करना होगा। उपायुक्त सभी हितधारकों, जैसे पुलिस अधीक्षक, विदेशी ट्रिब्यूनल से परामर्श करेंगे और दुर्लभतम मामलों में ही आधार कार्ड जारी कर पाएंगे।" जुलाई में शर्मा ने कहा था कि मंत्रिमंडल राज्य में वयस्कों के लिए नए आधार कार्ड बनाने की नीति पर विचार कर रहा है, जो केवल उपायुक्तों द्वारा जारी किए जाएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल असम सरकार ने एक बयान में कहा था कि असम के कम से कम चार जिलों में आधार नामांकन जनसंख्या से ज्यादा है। सीएम ने कहा था कि कम से कम चार जिलों में आधार कार्डधारकों की संख्या जनसंख्या से अधिक हो गई है।
उन्होंने 'इकोनॉमिक टाइम्स' को बताया, "बारपेटा में 103.74% लोगों के पास आधार कार्ड हैं। धुबरी में 103.48%, मोरीगांव में 101.76% और नागांव में लगभग 100.86% लोगों ने आधार कार्ड बनवा लिए हैं। यह चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पता चलता है कि संदिग्ध विदेशी नागरिक कार्ड हासिल करने में कामयाब हो गए होंगे।"