Operation Sindoor: चीन के एयर डिफेंस के भरोसे बैठा रहा पाकिस्तान, इधर भारत ने 23 मिनट तक जाम कर रखा सिस्टम

Operation Sindoor : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान, चीन के जिस एयर डिफेंस सिस्टम के भरोसे बैठा था, उसे बाइपास करते हुए भारत ने 100 किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिए। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बुधवार को भारत ने एक बड़ा खुलासा किया है।

अपडेटेड May 14, 2025 पर 8:44 PM
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भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का बुरा हाल रहा।

Operation Sindoor: भारतीय सेना द्वारा आतंकियों पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने 8 और 9 मई की रात भारत पर पलटवार किया था। पाकिस्तान के मिसाइलों और ड्रोन को भारतीय के एयर डिफेंस सिस्टम ने खिलौना बना दिया था। पाकिस्तान के इस नापाक हरकत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की। भारतीय सेना के जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का बुरा हाल रहा। भारतीय वायु सेना ने 9 और 10 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान के कई जगहों पर एयरस्ट्राइक की, जो इस्लामाबाद और रावलपिंडी तक पहुंचे थे।

एक तीर से दो निशाना

वहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान, चीन के जिस एयर डिफेंस सिस्टम के भरोसे बैठा था, उसे बाइपास करते हुए भारत ने 100 किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिए। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बुधवार को भारत ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस खुलासे में बताया गया कि भारत ने पाकिस्तान में मौजूद चीन के एयर डिफेंस सिस्टम को बाइपास कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था।


23 मिनट जाम रहा चीनी एयर डिफेंस सिस्टम

PIB द्वारा जारी गई प्रेस नोट में यह भी बताया गया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में मौजूद चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को बाइपास करते हुए उन्हें जाम कर दिया। मिशन को केवल 23 मिनट में पूरा किया, जिससे भारत की तकनीकी बढ़त का प्रदर्शन हुआ। ऑपरेशन सिंदूर की सबसे खास बात ये रही कि, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की चीन से मिली एयर डिफेंस सिस्टम को सिर्फ 23 मिनट में जाम कर दिया और मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर भारत की तकनीकी बढ़त को साबित किया।

चीन और तुर्की के हथियार

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बताया कि भारत ने कई तरह के एयर डिफेंस सिस्टम जैसे पेचोरा, OSA-AK, लो लेवल एयर डिफेंस बंदूकें (LLAD guns), आकाश मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया। ऑपरेशन सिंदूर में पीएल-15 मिसाइलें (चीन की हैं) और तुर्किये के ड्रोन्स, इनका नाम Yiha या YEEHAW को मार गिराया गया। इस दौरान भारत ने कई लॉन्ज रेंज रॉकेट्स, क्वाडकॉप्टर और कॉमर्शियल ड्रोन नष्ट किए। इनके मलबे को बाकायदा रिकवर किया गया और पहचान की गई। इससे पता चला कि भले ही पाकिस्तान को विदेशी मदद मिली हो, लेकिन भारत का स्वदेशी सिस्टम उन पर भारी पड़ा।

रिपोर्ट के एक खास हिस्से में ड्रोन के सफल इस्तेमाल को लेकर जोर दिया गया है। इसमें बताया गया है कि भारत की सेना में ड्रोन तकनीक की कामयाबी कई सालों की रिसर्च और नीति बदलावों का नतीजा है। 2021 से आयातित ड्रोन पर रोक और PLI योजना की शुरुआत से इस क्षेत्र में तेज़ी से नवाचार हुआ है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन और उसके पुर्जों के लिए तीन साल में 120 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले स्वायत्त ड्रोन का होगा, और भारत इसकी तैयारी पहले से कर रहा है।

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