भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे गांव वालों के परिवारों ने हाल ही में सैन्य अभियानों के बाद हालात बिगड़ने के डर से महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को सुरक्षित जगहों पर भेजना जाना शुरू कर दिया है। पलायन सबसे ज्यादा पंजाब के अमृतसर और फिरोजपुर जिलों में दिखाई दे रहा है, जहां तीन तरफ से पाकिस्तान से घिरे दाओके जैसे दूसरे समुदाय अपने घरों का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भर कर सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एहतियातन गांव खाली करने का बड़ा कारण भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति और पाकिस्तान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की चिंता है। TOI के अनुसार फिरोजपुर जिले के रहने वाले जगतार सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमारे गांव में स्थिति गंभीर हो गई है। हमें डर है कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा।"
हालांकि, स्थानीय प्राधिकारियों ने अभी तक औपचारिक निकासी आदेश जारी नहीं किए हैं, फिर भी कई निवासी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, और पिछले संघर्षों के दौरान झेले गए खतरों को याद कर रहे हैं।
दाओके के 70 साल के कश्मीर सिंह ने 1965 और 1971 के युद्धों को याद करते हुए कहा कि अगर संघर्ष छिड़ता है, तो केवल पुरुष ही सशस्त्र बलों की सहायता के लिए रुकने की योजना बनाते हैं।
उन्होंने ट्रिब्यून को बताया, "फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हम महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित जगहों पर ले जाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पुलिस ने अभी तक कोई आदेश नहीं दिया है।
अमृतसर, गुरदासपुर पठानकोट में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अमृतसर में किराने की दुकानों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि लोग जरूरी सामान खरीद रहे हैं।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर को भी अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है, जिससे पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब की तीर्थयात्रा पर रोक लग गई है। डेरा बाबा नानक के अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों को घर लौटने की सलाह दी है।
पड़ोसी राज्य भी एकदम अलर्ट पर हैं। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में कथित तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, स्कूल बंद होने से गश्त बढ़ गई है, जबकि गुजरात के तटीय इलाकों में समुद्री और अर्धसैनिक बलों की तरफ से कड़ी निगरानी की जा रही है। श्रीगंगानगर में किसानों को सीमावर्ती इलाकों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि सुईगाम में ग्रामीणों को रात में लाइटें बंद करने को कहा गया है।