OTT प्लेटफॉर्म CBFC के दायरे से रहेंगे बाहर, केंद्र सरकार ने किया साफ

इन नियमों के तहत आचार संहिता में यह प्रावधान है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म किसी भी ऐसे कंटेंट का प्रकाशन नहीं करेंगे, जिनपर कानूनी प्रतिबंध हो। साथ ही, नियमों के अनुसार, कंटेंट को अलग-अलग एज ग्रुप के हिसाब से कैटेगरी में रखना भी अनिवार्य है

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 6:28 PM
OTT प्लेटफॉर्म CBFC के दायरे से रहेंगे बाहर, केंद्र सरकार ने किया साफ

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि OTT यानी ओवर-द-टॉप प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाना वाला कंटेंट CBFC के दायरे यानी उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि OTT कंटेंट का रेगुलेशन सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत किया जाता है, जिसमें एक तीन-स्तरीय संस्थागत निगरानी तंत्र (Three-Tier Institutional Mechanism) लागू है।

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि OTT कंटेंट के लिए अलग से सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा IT नियम, 2021 के तहत ही इसका रेगुलेशन यानी निगरानी की जाती है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) एक वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत की गई है। इसका मुख्य काम सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए बनीं फिल्मों की जांच और उन्हें सर्टिफाई करना है।


सरकार ने साफ किया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग-III के तहत रेगुलेट किया जाता है।

इन नियमों के तहत आचार संहिता में यह प्रावधान है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म किसी भी ऐसे कंटेंट का प्रकाशन नहीं करेंगे, जिनपर कानूनी प्रतिबंध हो। साथ ही, नियमों के अनुसार, कंटेंट को अलग-अलग एज ग्रुप के हिसाब से कैटेगरी में रखना भी अनिवार्य है।

नियमों में कंटेंट से जुड़े मानकों के पालन और आम जनता की शिकायतों के निवारण के लिए तीन-स्तरीय संस्थागत व्यवस्था का भी जिक्र किया गया है।

  • Tier-I: पब्लिशर की तरफ से सेल्फ रेगुलेशन
  • Tier-II: पब्लिशर की सेल्फ रेगुलेटिंग बॉडी की ओर से सेल्फ रेगुलेशन
  • Tier-III: केंद्र सरकार की ओर से निगरानी तंत्र

ओटीटी कंटेंट से जुड़ी शिकायतों को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था के Tier-I, यानी पब्लिशर की तरफ से सेल्फ रेगुलेशन के अंतर्गत जरूरी कार्रवाई के लिए संबंधित OTT प्लेटफॉर्म को भेज दिया जाता है।

यह जानकारी आज लोकसभा में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने सांसद डॉ. एमके विष्णु प्रसाद की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी।

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