जम्मू कश्मीर के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 27 पर्यटकों की मौत हो गई, जिसमें दो विदेश टूरिस्ट भी शामिल हैं। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बना कर कश्मीर के टूरिज्म सेक्टर में बड़ी रुकावट पैदा करने की कोशिश की, जिससे आम कश्मीरी खासे नाराज हो गए। पहलगाम हमले के विरोध में स्थानीय कश्मीरी सड़कों पर उतर आए और उन्होंने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नार लगाए और मारे गए आम लोगों की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च भी निकाला।
इतना ही नहीं कश्मीर की मस्जिदों में भी बकायदा माइक पर ऐलान कर इस नापाक हमले की कड़ी निंदा की गई। कश्मीर के जामिया मस्जिद भलेसा ने पहलगाम हमले की निंदा की। मस्जिद से ऐलान किया गया, "अभी हमें जानकारी मिली है कि पहलगाम में पर्यटकों पर दहशतगर्दों ने कायराना हमला किया है।"
मस्जिद से आगे कहा गया, "कश्मीर में देश विदेश के नागरिक घूमने आते हैं। उन पर इस तरह का हमला कायराना है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।" इसके अलावा पहलगाम में कैंडिल मार्च भी निकाला गया है। पहलगाम के स्थानीय लोगों ने आतंकवादी हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला।
न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए एक युवक ने कहा, "आज कैंडिल मार्च निकालने और यहां जमा होने का हमारा मकसद पहलगाम में हुआ कायराना हमला है। हम इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम पहले हिंदुस्तान के बाशिंदे हैं, फिर कश्मीरी हैं और हम पूरे पहलगाम की तरफ से इसकी निंदा करते हैं।"
पहलगाम में हुए कायराना आतंकवादी हमले के बाद कश्मीरी स्थानीय लोग भी सदमे में हैं। 22 अप्रैल की दोपहर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में आतंकवादियों की गोलीबारी में कुछ स्थानीय नागरिक घायल बताए जा रहे हैं।