पुणे के कारोबारी संतोष जगदाले और उनका परिवार जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के टूरिस्ट स्पॉट पर मौजूद थे। आतंकी हमले के दौरान पूरे इलाके में मदद के लिए चीख-पुकार मच गई और गोलियों की आवाज गूंज रही थी, ऐसे में जान बचाने के लिए जगदाले और उनका परिवार एक तंबू के अंदर छिपे हुए थे। उनकी बेटी असावरी ने उस हैवानियत के पल को याद करते हुए बताया, उन्होंने एक पहाड़ी से कुछ लोगों को उतरते हुए देखा, जो 'लोकल पुलिस के जैसे कपड़े पहने हुए थे'। साथ ही उन्होंने गोलीबारी की आवाज भी सुनी।
