पहलगाम हमल के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव गहराता जा रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि तनाव को और बढ़ाते हुए पाकिस्तानी सेना ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) पर गोलीबारी की। साथ ही उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) पर लगातार छठी रात संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने बारामूला और कुपवाड़ा में भी छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका भारतीय सेना ने तुरंत जवाब दिया।
भारतीय सेना ने कहा, "29-30 अप्रैल (रात) के पिछले अपडेट के अलावा, बारामुल्ला और कुपवाड़ा जिलों में नियंत्रण रेखा के पार और परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार उनकी चौकियों से भी पाकिस्तानी सेना की ओर से बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की खबर मिली है। भारतीय सेना के जवानों ने इसका उचित जवाब दिया।"
जहां अंतर्राष्ट्रीय सीमा भारत और पाकिस्तान को अलग करने वाली सीमा है, तो वहीं नियंत्रण रेखा शांति बनाए रखने के द्विपक्षीय कोशिशों के दौरान तय की गई युद्ध विराम रेखा है। पहलगाम हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी बहुत दुर्लभ है। खासतौर से इस उत्तेजक माना जा रहा है, जिसमें 25 निर्दोष पर्यटक और एक कश्मीरी की मौत हो गई।
News18 ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि कल सुबह तक पाकिस्तानी सेना केवल नियंत्रण रेखा पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी, लेकिन अब उसने जम्मू के परागवाल सेक्टर में कल रात अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन कर स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान ने लगातार छठी रात जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग सेक्टरों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की - इस बार नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टरों में। भारतीय सेना ने भी इसका माकूल जवाब दिया।
पाकिस्तान 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। बैसरन मैदान में लोगों के धर्म की पहचान करने के बाद आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसकी वैश्विक निंदा हुई और अब बदला लेने की मांग की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार रैली में हमले पर अपने सार्वजनिक वक्तव्य में कहा कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों का "दुनिया के अंत तक" पीछा करेगा।
उसके बाद से उन्होंलने कई महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की है, जिसमें मंगलवार को तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक भी शामिल है। आज आतंकी हमले के बाद से वह सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वह राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की भी अध्यक्षता करेंगे, जिसके बाद दिन में बाद में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी।
आतंकवादी हमले के एक दिन बाद अपनी पहली CCS बैठक में प्रधानमंत्री ने कई दूसरे महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपायों के अलावा पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने, भारत में पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा रद्द करने का निर्णय लिया।
कल शाम एक दुर्लभ घटना में, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पीएम मोदी से उनके लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की और करीब 90 मिनट तक बैठक की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ उनके सभी फैसलों में RSS का समर्थन जताया।