Parliament Special Session: संसद का तीन दिन का विशेष सत्र शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में तीन संशोधन विधेयक पेश की, ताकि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' (महिला आरक्षण बिल) को लागू करने का रास्ता साफ हो सके। महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोपहर करीब 3:30 बजे लोकसभा को संबोधित करने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में तीन संशोधन विधेयक पेश किए, जिनमें महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन बिल शामिल हैं।
दो विधेयक को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया। वहीं, तीसरा विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के पटल पर रखा। मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। जबकि केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, कानून मंत्री ने डिलिमिटेशन बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा।
सरकार की तरफ से जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने बहस के लिए 18 घंटे का समय आवंटित किया है। यह बहस शुक्रवार 17 अप्रैल को भी जारी रह सकती है। लोकसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक राज्यसभा के पास जाएंगे। सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए जो संविधान संशोधन पेश की है, उसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।
संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में कुल सदस्यों की संख्या के दो तिहाई के समर्थन की जरूरत होती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास लोकसभा में फिलहाल यह आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर साल 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे एक पत्र में पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगी तब विकसित भारत की यात्रा और अधिक सशक्त एवं तेज होगी।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 और डिलिमिटेशन बिल, 2026 को पेश करने का विरोध किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल बिलों की मेरिट पर बात नहीं कर सकते, और वे बिलों को पेश करने पर सिर्फ टेक्निकल ऑब्जेक्शन उठा सकते हैं। इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव और अमित शाह के तीखी बहस हुई।