Petrol Diesel Price Hike: सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही है। अफवाह ये भी है कि आज खत्म हो रहे वोटिंग के बाद फ्यूल की कीमतों में आग लग सकती है। इन दावों पर एक बड़ा अपडेट आया है। पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने बताया है कि ये खबरें पूरी तरह से गलत हैं।
PIB ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि का ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
क्या था सोशल मीडिया का दावा?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे थे। इन पोस्ट में दावा किया गया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल की कीमतों में ₹10 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹12.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने वाला है। हालांकि, सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर इन दावों को खारिज कर दिया है।
विपक्ष के आरोप से गरमाई सियासत
ईंधन की कीमतों को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव के बीच इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 28 अप्रैल को चेतावनी दी थी कि चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कच्चे तेल के सस्ते होने पर मुनाफा कमाया और अब जनता पर बोझ डाल रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच TMC नेता नीलांजन दास ने भी बीजेपी सरकार पर चुनाव के दौरान चुपके से कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया था।
वैश्विक संकट और तेल की कीमतें
दुनिया भर में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। वैश्विक दबाव के बावजूद, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने मंगलवार को ही साफ कर दिया था कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
बिना फैक्ट चेक किए मत करें भरोसा
पीआईबी ने लोगों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी किसी भी संवेदनशील खबर को बिना जांचे फारवॉर्ड न करें। किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट या पीआईबी के हैंडल को ही फॉलो करें।