UAE ट्रिप में PM मोदी ने 'सबसे बड़ी क्राइसिस' ही सॉल्व कर दी! LPG से लेकर अरबों का निवेश, ये 5 बिग रिटर्न जानिए

ईरान युद्ध के बीच दुनियाभऱ में ऊर्जा संकट के बीच भारत और यूएई में बड़ी एनर्जी डील हुई है। दोनों देशों में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर समझौता किया गया है। भारत और यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडर को लेकर समझौता किया गया है। यूएई ने भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर, और आरबीएल में बड़ा निवेश करने का आभी ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक यूएई करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करेगा

अपडेटेड May 15, 2026 पर 3:12 PM
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है, ऐसे में यह डील देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों की यात्रा के पहले पड़ाव पर पहुंच गए हैं। पीएम मोदी के यूएई में पहुंचते ही राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने उनका भव्य स्वागत किया।पीएम मोदी के विमान को यूएई के एयर स्पेस में एफ-16 फाइटर जेट्स द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई। वहीं इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। बता दें कि, पीएम मोदी की ये यूएई दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के दौरान यूएई में लगातार हमले हो रहे हैं। वहीं इस जंग का असर भारत समेत दुनिया के कई देशों के उर्जा जरूरतों पर पड़ा है।

LPG को लेकर दोनों देशों के बीच हुई ये बड़ी डील

बता दें कि, ईरान युद्ध के बीच दुनियाभऱ में ऊर्जा संकट के बीच भारत और यूएई में बड़ी एनर्जी डील हुई है। दोनों देशों में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर समझौता किया गया है। भारत और यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडर को लेकर समझौता किया गया है। दोनों देशें के बीच रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर भी समझौता किया गया है। यूएई ने भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर, और आरबीएल में बड़ा निवेश करने का आभी ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक यूएई करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करेगा।


यूएई करेगा पांच अरब डॉलर का निवेश

भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक नया फ्रेमवर्क समझौता शामिल है। इसके अलावा, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। रसोई गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी एक अहम समझौता किया गया। वहीं, गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी दोनों देशों ने समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही यूएई की ओर से भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा भी की गई है। इसे भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • भारत और UAE के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी पर सहमति बनी।
  • साथ ही स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर MoU साइन किया गया।
  • गुजरात के वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने पर सहमति बनी।
  • भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का ऐलान किया गया।

पीएम मोदी ने यूएई पर हमलों की निंदा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई में ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि वह शांति स्थापित करने के लिए हर तरह की मदद करने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि होर्मजु स्ट्रेट से आवाजाही सुनिश्चि करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए जो कुछ जरूरी होगा किया जाएगा। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी का भी फ्रेमवर्क बनाया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री चार घंटे के लिए यूएई पहुंचे थे और इसके बाद वह यूरोप के दौरे पर नकिल जाएंगे।

यूएई की है ये बड़ी प्लानिंग

बता दें कि, संयुक्त अरब अमीरात ने फैसला किया है कि वह साल 2027 तक अपनी कच्चे तेल के निर्यात क्षमता को दोगुना करेगा, ताकि उसे होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहना पड़े। ईरान युद्ध के दौरान इस अहम समुद्री रास्ते में रुकावट आने से दुनियाभर के तेल बाजार प्रभावित हुए हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी यानी एडनॉक एक नई पाइपलाइन बना रही है, जो तेल को सीधे ओमान की खाड़ी में स्थित फुजैरा बंदरगाह तक पहुंचाएगी। एडनॉक पहले से ही रेगिस्तानी तेल क्षेत्रों से फुजैरा बंदरगाह तक रोज़ाना 15 लाख बैरल क्षमता वाली पाइपलाइन चलाती है। युद्ध के समय यह पाइपलाइन देश के लिए काफी अहम साबित हुई है।

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