Jewar Airport inauguration: एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का PM मोदी ने किया उद्घाटन, कार्गो और MRO फैसिलिटी भी शुरू

Jewar Airport inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थीं।

अपडेटेड Mar 28, 2026 पर 1:18 PM
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PM मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, कार्गो और MRO फैसिलिटी भी शुरू

Jewar Airport inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। इस हवाई अड्डे के पहले चरण की लागत 11,282 करोड़ रुपये है। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपये है।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमन ने कहा कि यह परियोजना ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को घरेलू और वैश्विक गंतव्यों से जोड़ेगी, जिसमें इसमें बेहतर व्यवस्थित कार्यप्रणाली और भारतीय मेहमाननवाजी का मेल होगा।


यह एयरपोर्ट नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में कार्य करेगा और साथ ही कई तीर्थ स्थलों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वार के रूप में भी काम करेगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री संचालन क्षमता प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्री (MPPA) होगी, जिसे बढ़ाकर 70 मिलियन MPPA तक किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने टर्मिनल का निरीक्षण भी किया।

PMO के अनुसार, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भारत की वैश्विक विमानन केंद्र बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में सोचा गया है और देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने में एक बड़ा कदम है।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली NCR क्षेत्र के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे साथ काम करेगा। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़ कम होगी, यात्री क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली एनसीआर को दुनिया के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल किया जा सकेगा।

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