PM Modi Speech Today: 'देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके साथियों को कभी माफ नहीं करेगी' महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद देश के नाम PM मोदी का संबोधन

PM Modi Speech Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने महिलाओं के सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं

अपडेटेड Apr 18, 2026 पर 9:12 PM
Story continues below Advertisement
PM Modi Speech Today: महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद देश के नाम PM मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को शाम 8:30 बजे पूरे देश को संबोधित किया। कल लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण देने वाला एक महत्वपूर्ण बिल वोटिंग के बाद रद्द हो गया था, जिसके बाद PM मोदी ने आज देश को संबोधित किया। उन्होंने अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा, "आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया।"

मोदी ने कहा, "उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बिल किसी से कुछ लेने के लिए नहीं ये बिल सबको कुछ न कुछ देना का था। 40 साल से अटके महिलाओं के हक को अगले लोकसभा चुनाव से उनको देने का था।


इस बिल के अनुसार:

  • लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 543 से 816 करने का प्रस्ताव था।
  • राज्य विधानसभाओं और केंद्र शासित प्रदेशों की असेंबलियों में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं।
  • इसका मकसद 2011 की जनगणना के आधार पर डीलिमिटेशन (सीटों की नई सीमा तय करना) करके
  • महिलाओं को 33% आरक्षण देना था।
  • यह आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने की योजना थी।

PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:

  • आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।
  • संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित नहीं हो सका। इसके लिए मैं सभी माताओं और बहनों से हृदय से क्षमा मांगता हूं। हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए उनकी पार्टी ही सब कुछ बन जाती है, तो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रहित- दोनों को ही इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इस बार भी ठीक यही हुआ।
  • हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देशहित को... इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है।  कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
  • कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की महिलाओं को भुगतना पड़ा है। कल, पूरे देश में करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद पर टिकी थीं। यह देखकर बेहद दुख हुआ कि जब महिलाओं के हित में लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया, तो कांग्रेस, DMK, SP और TMC जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर, वे अपनी मेजें थपथपा रही थीं। वे सिर्फ मेज पर की गई थपथपाहट नहीं थीं, बल्कि वे महिलाओं की गरिमा और आत्म-सम्मान पर किए गए प्रहार थे।
  • नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रेंटेड ले रहे हैं।
  • वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है।  वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है।   इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है।
  • 'नारी शक्ति वंदन संशोधन' आज की सबसे बड़ी जरूरत है। यह उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम- सभी क्षेत्रों में संतुलित सशक्तिकरण सुनिश्चित करने का एक प्रयास था। इसका उद्देश्य, आनुपातिक प्रतिनिधित्व बढ़ाकर, संसद में हर राज्य की आवाज को मजबूत करना था- चाहे वह राज्य बड़ा हो या छोटा। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस नेक प्रयास को कुचल दिया।
  • कांग्रेस देश के अधिकांश हिस्सों में अपना जनाधार खो चुकी है और क्षेत्रीय दलों के समर्थन के सहारे ही अपना अस्तित्व बचाए हुए है। इसके बावजूद, वह नहीं चाहती कि ये क्षेत्रीय ताकतें और ज्यादा मजबूत हों। इस संशोधन का विरोध करके, कांग्रेस ने राजनीतिक दांव-पेच के ज़रिए कई क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अनिश्चितता की ओर धकेलने का प्रयास किया है।
  • ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।  नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया  एक पवित्र पर्व था।
  • इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है।  कांग्रेस, DMK, TMC और सपा जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है।
  • नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- इन परिवारवादी पार्टियों का डर! अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।