PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय 'प्रगति' बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ 'विकसित भारत' के इस रोडमैप पर लंबी चर्चा की। इस बैठक का मुख्य विषय 'मानव पूंजी' रहा। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत की 70% आबादी कामकाजी उम्र की है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने राज्यों को केवल फाइलों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर बदलाव लाने और अगले 10 वर्षों के लिए एक 'टाइम-बाउंड' एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।
पीएम ने प्रशासनिक सुधार पर दिया जोर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) पर लगाम: पीएम मोदी ने इस बात पर चिंता जताई कि जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी घंटों लंबी वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि VC को हफ्ते में केवल एक दिन और कुछ ही घंटों के लिए सीमित किया जाए, ताकि अधिकारियों को फील्ड वर्क और जनता की समस्याओं को सुनने का समय मिल सके।
8 मार्च तक का डेडलाइन: स्कूलों में छात्राओं के लिए टॉयलेट की कमी पर नाराजगी जताते हुए पीएम ने निर्देश दिया कि PM-Shri और एकलव्य स्कूलों की सभी कमियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च तक हर हाल में दूर किया जाए।
'प्रगति' मॉडल का राज्यों में विस्तार: प्रधानमंत्री ने राज्यों से केंद्र के 'प्रगति' मॉडल को अपनाने और हर मुख्य सचिव के कार्यालय में एक 'डी-रेगुलेशन सेल' बनाने को कहा, ताकि पुराने और जटिल नियमों को हटाकर सिस्टम को सरल बनाया जा सके।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का दिया उदाहरण: पीएम ने एक शादी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर विदेशी फूलों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखनी चाहिए। हमें स्थानीय उत्पादों और सप्लाई चेन को मजबूत करना होगा।
जन-शिकायत पर ते हो जवाबदेही: पीएम मोदी ने एक निजी अनुभव शेयर करते हुए बताया कि वे खुद रोजाना कम से कम 10 जन-शिकायतें पढ़ते हैं। उन्होंने मुख्य सचिवों से आग्रह किया कि वे अपने मुख्यमंत्रियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि शासन 'नागरिक-केंद्रित' बन सके।
शिक्षा, खेल और कौशल विकास के लिए नया रोडमैप
पीएम ने राज्यों को एक स्पष्ट खेल नीति बनाने, डोपिंग के प्रति जागरूकता फैलाने और 'स्पोर्ट्स मेडिसिन' व फिजियोथेरेपिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए गए। पीएम ने माना कि 'कौशल विकास' योजना का असर अब भी सीमित है और इसमें बड़े सुधार की गुंजाइश है। वहीं जल जीवन मिशन योजना में हो रही देरी और कमियों पर पीएम ने नाराजगी जताई और क्लोज मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।