Get App

मोदी के रिकॉर्ड को पार पाना नहीं होगा आसान!

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज एक रिकॉर्ड को आज पार कर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। चुनावों के जरिये निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर सबसे लंबे समय तक लगातार बने रहने वाले प्रधानमंत्री हो गये हैं मोदी। लेकिन मोदी की उपलब्धियां इस रिकॉर्ड से बहुत आगे हैं। प्रशासन, राजनीति और चुनाव में उनको हासिल हुई कामयाबी से आगे निकलना तो दूर, करीब फटकना भी भविष्य में किसी के लिए नहीं होगा आसान

Brajesh Kumar Singhअपडेटेड Jun 13, 2026 पर 4:47 PM
मोदी के रिकॉर्ड को पार पाना नहीं होगा आसान!
चुनावों के जरिये निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर सबसे लंबे समय तक लगातार बने रहने वाले प्रधानमंत्री हो गये हैं नरेंद्र मोदी

20 मई 2014, ये वो दिन था, जब नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंचे थे, अपने दम पर लोकसभा चुनावों में बीजेपी को बहुमत दिलाकर। बीजेपी संसदीय दल की बैठक में सदन के नेता के रूप में उनके नाम पर मुहर लगनी थी। सेंट्रल हॉल में ये कार्यक्रम था, लेकिन वहां पहुंचने से पहले जब संसद के मुख्य द्वार पर नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ, तो वो तत्काल नीचे झुक गये। साथ में चल रही पत्रकारों की बड़ी जमात जब तक कुछ समझे, तब तक मोदी दंडवत होकर नमन करते दिखे संसद की इस पुरानी ईमारत को, जहां पर आजादी से पहले सेंट्रल लेजिस्लेटिव एसेंबली की बैठकें होती थीं और आजादी के बाद लोकसभा और राज्य सभा की।

इसके बाद मोदी सेंट्रल हॉल पहुंचे, जहां करतल ध्वनि के साथ पार्टी नेताओं और नवनिर्वाचित बीजेपी सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस बैठक में सर्वसम्मति से उनका चयन हुआ, सदन के नेता के तौर पर। बीजेपी संसदीय दल के इस नेता को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और इसके साथ ही मोदी पदनामित प्रधानमंत्री बन गये।

बीस मई की शाम को ही मोदी गांधीनगर पहुंचे, आखिर अगले दिन गुजरात विधानसभा से इस्तीफा देना था, मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी और को सौंपनी थी, जिस पर पौने तेरह साल से वो लगातार बैठे हुए थे और जिस दौरान किये गये कार्य के कारण ही देश भर में ऐसा माहौल बना पाये कि अपनी अगुआई में बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाकर केंद्र में मजबूत सरकार बनाने जा रहे थे मोदी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें