कनॉट प्लेस में CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के बाद धरने की आशंका, खुफिया एजेंसियों ने किया अलर्ट

Lehra Do Tiranga Programme: खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को होने वाला "लहरा दो तिरंगा" कार्यक्रम सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं रह सकता। खुफिया विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, इसमें शामिल होने वाले लोग इसे अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकते हैं।

अपडेटेड Oct 16, 2026 पर 9:19 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
कनॉट प्लेस में CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के बाद धरने की आशंका

Lehra Do Tiranga Programme: खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को होने वाला "लहरा दो तिरंगा" कार्यक्रम सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं रह सकता। खुफिया विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, इसमें शामिल होने वाले लोग इसे अनिश्चितकालीन धरने में बदल सकते हैं और जेल में बंद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं - सौरव दास और आशुतोष रांका - की रिहाई की मांग कर सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि ऐसी आशंका है कि शाम 5 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी लोग वहां से जाने से इनकार कर सकते हैं। उन्होंने 20 जून के विरोध प्रदर्शन का उदाहरण दिया, जिसमें अनुमति तो सिर्फ शाम 5 बजे तक ही थी, लेकिन प्रदर्शन एक महीने से भी ज्यादा समय तक धरने के रूप में चलता रहा। हालांकि, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए बंद कर दिया है, फिर भी वहां लोगों के जुटने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों को यह भी आशंका है कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोग सीधे सेंट्रल पार्क जाने के बजाय, वे अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा हो सकते हैं, जिससे सेंट्रल और नई दिल्ली जिलों में कई जगहों पर एक साथ भीड़ जमा हो सकती है।


एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जुटाने और कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने से भीड़ को संभालना और ट्रैफिक नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, आखिरी समय में प्रदर्शन की जगह या मार्च के रास्ते में बदलाव होने की आशंका भी जताई गई है। शाम के व्यस्त समय में इससे परेशानी बढ़ सकती है।

सूत्रों ने बताया कि अगर सेंट्रल पार्क में पाबंदियां लगाई जाती हैं, तो कुछ समूह संसद भवन, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, पीएमओ, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ जन-प्रतिनिधियों के आवासों की ओर मार्च करने की कोशिश कर सकते हैं। इन जगहों के आसपास सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

इस आकलन में अव्यवस्था को लेकर भी चेतावनी दी गई है। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल पार्क और उसके आसपास भीड़भाड़, अफवाहों या उकसावे की स्थिति में धक्का-मुक्की, हाथापाई हो सकती है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही, असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 14 अक्टूबर के लिए इस कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसका संदेश था - "तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है"। CJP की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आशंका के पीछे पिछले विरोध-प्रदर्शन

सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों की चिंताएं CJP के पिछले प्रदर्शनों से जुड़ी हैं। 10 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शन के दौरान, आकाशवाणी भवन के पास पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमले की खबरें आईं, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। 11 अक्टूबर को भी टकराव की घटनाएं सामने आई थीं।

सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को आयोजकों ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों का कथित तौर पर उल्लंघन किया था। आरोप है कि जुलूस और सभाओं पर रोक के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने तय प्रदर्शन स्थल से आगे बढ़ने की कोशिश की थी।

सूत्रों ने आगे बताया कि पिछले प्रदर्शनों में शामिल लोगों की संख्या, आयोजकों द्वारा बताई गई संख्या से कहीं अधिक थी। साथ ही, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी थी। एजेंसियों को डर है कि इस बार भी अचानक लोगों की भारी भीड़ जुट सकती है, क्योंकि इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के अन्य हिस्सों से समर्थकों के साथ-साथ छात्र और युवा समूह भी शामिल हो सकते हैं।

एहतियाती उपाय

प्रदर्शन को देखते हुए सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि लोगों को इकट्ठा करने के आह्वान, जमा होने की जगहों और आखिरी समय में होने वाले बदलावों की जानकारी मिल सके।

रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी एहतियाती इंतजाम करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए पर्याप्त पुलिस बल और भीड़ को नियंत्रित करने वाले उपकरण तैयार रखे जाएंगे। नई दिल्ली और सेंट्रल जिलों में महत्वपूर्ण जगहों और VIP इलाकों के आस-पास सुरक्षा कड़ी की जाएगी, और जब तक भीड़ पूरी तरह से छंट नहीं जाती, तब तक पुलिस तैनात रहेगी।

यह भी पढ़ें: रीडेबल PDF, पार्टियों को सॉफ्ट कॉपी मिलेगी... SIR को लेकर भारी बवाल के बीच ECI ने 17 राज्यों के लिए किए ये बड़े ऐलान

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।