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PRAHAAR: जानिए क्या है केंद्र सरकार की पहली एंटी-टेरर पॉलिसी 'प्रहार'

भारत को लंबे समय से आतंक से जुड़े हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। जल, जमीन और वायु सहित सभी मोर्चों पर रिस्क बढ़ा है। ऐसे में सरकार अपने लोगों को ढांचागत सुविधाओं को नुकसान से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा चाहती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 4:50 PM
PRAHAAR: जानिए क्या है केंद्र सरकार की पहली एंटी-टेरर पॉलिसी 'प्रहार'
इस पॉलिसी के तहत आतंकवाद से जुड़े हिंसा की घटानाओं के मामले में सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल पर फोकस होगा।

केंद्र सरकार ने 23 फरवरी को पहली बार एंटी-टेरल पॉलिसी पेश की है। इसका नाम 'प्रहार' है। गृह मंत्रालय ने इसे पेश किया। इसमें आंतकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। साथ ही इंटेलिजेंस की मदद से आंतकी हमलों से रोकने की बात भी कही गई है। इस पॉलिसी के तहत आतंकवाद से जुड़े हिंसा की घटानाओं के मामले में सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल पर फोकस होगा।

पॉलिसी की जरूरत क्यों पड़ी?

भारत को लंबे समय से आतंक से जुड़े हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। जल, जमीन और वायु सहित सभी मोर्चों पर रिस्क बढ़ा है। ऐसे में सरकार अपने लोगों को ढांचागत सुविधाओं को नुकसान से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा चाहती है। आतंकवादी न सिर्फ देश के लोगों को बल्कि इकोनॉमी को भी बड़ी चोट पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। खासकर वे पावर, रेलवे, बंदरगाहों, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु ऊर्जा, हवाई अड्डों और हवाई ढांचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। देश को आतंकी हमलों से बचाने के लिए सरकार ने एंटी-टेरर पॉलिसी पेश की है।

आंतकी हमले कैसे रोके जाएंगे?

सरकार की इस पॉलिसी की खास बात यह है कि इसमें उन उपायों पर जोर दिया गया है, जिनका मकसद आतंकी हमलों को होने से रोकना है। अगर आतंकी हमला होता है तो उसके बाद उसे हैंडल करने के उपायों पर भी जोर दिया गया है। साथ ही सरकार की अलग-अलग एसेंजियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इस पॉलिसी में कहा गया है कि आतंकी हमलों को लेकर सरकारें एक जैसी पॉलिसी अपनाएंगी। इस पॉलिसी में मानवाधिकार का भी ध्यान रखा गया है।

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