Rajya Sabha Nomination: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य सभा में मनोनीत होने वाले सदस्यों को लेकर एक बड़ी घोषणा की हैं। उन्होंने पूर्व राजनयिक हर्ष श्रृंगला, जाने-माने वकील उज्ज्वल निकम, केरल के शिक्षक सी. सदानंदन मस्ते और प्रख्यात इतिहासकार एवं शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। बता दें कि उज्ज्वल निकम ने 26/11 हमले के आतंकवादी अजमल कसाब पर मुकदमा चलाने में मदद की थी। वहीं हर्ष श्रृंगला भारत के पूर्व विदेश सचिव और संयुक्त राज्य अमेरिका, बांग्लादेश और थाईलैंड में पूर्व राजदूत रह चुके हैं। वह 2023 में भारत की G-20 अध्यक्षता के दौरान चीफ कोऑर्डिनेटर भी थे।
गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर की घोषणा
गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में संसद के उच्च सदन के लिए चार सदस्यों को नामांकित किया गया। इनमें कूटनीति, कानूनी क्षेत्र, इतिहासकार और समाज सेवक सहित विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग शामिल हैं। एमएचए अधिसूचना में कहा गया है कि इन व्यक्तियों को मनोनीत सदस्यों की सेवानिवृत्ति के कारण हुई रिक्तियों को भरने के लिए नामांकित किया जा रहा है। बता दें कि भारत के राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए 12 लोगों को मनोनीत कर सकते हैं। ये कला, साहित्य और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों के जाने-माने व्यक्ति होते हैं। फिलहाल, उन 12 सीटों में से चार सीटें खाली है।
निकम ने कसाब को फांसी दिलाने में निभाई थी प्रमुख भूमिका
उज्ज्वल देवराव निकम मुंबई में हुए 26/11 अटैक में अजमल आमिर कसाब के मुकदमे में सरकारी वकील थे। उन्होंने सत्र न्यायालय और बॉम्बे हाईकोर्ट में पाकिस्तानी आतंकवादी पर मुकदमा चलाने में मदद की और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमणियम की सहायता की। 2008 के मुंबई हमलों में जिंदा पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी कसाब को मई 2010 में एक सत्र न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले को 2011 में हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।
आपको बता दें कि निकम ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार भी थे लेकिन उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार वर्षा गायकवाड़ के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।