PM Modi: पीएम मोदी आज रात राष्ट्र को करेंगे संबोधित, इस मुद्दे पर कर सकते हैं बात!

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। बता दें कि, महिलाओं के लिए आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करने जा रहे हैं। शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इसके चलते संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलने का इंतज़ार अभी जारी है। माना जा रहा है कि वह संशोधन विधेयक की जरूरत देश को स्पष्ट कर सकते हैं

अपडेटेड Apr 18, 2026 पर 3:06 PM
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आज रात पीएम देशवासियों के सामने विपक्ष के आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दे सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं। आज रात ठीक 8.30 बजे पीएम देशवासियों को अपना संदेश देंगे। माना जा रहा है कि वह संशोधन विधेयक की जरूरत देश को स्पष्ट कर सकते हैं। बता दें कि, महिलाओं के लिए आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न हो पाने के बाद भाजपा समेत एनडीए के घटक दलों के नेता विपक्ष पर हमला कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर बात कर सकते हैं पीएम मोदी 

सत्ता पक्ष कांग्रेस, सपा, डीएमके समेत विपक्षी दलों को महिला विरोधी बता रहा है। आज रात पीएम देशवासियों के सामने विपक्ष के आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दे सकते हैं। बता दें कि, महिलाओं के लिए आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वह संशोधन विधेयक की जरूरत देश को स्पष्ट कर सकते हैं।


बात दें कि, महिलाओं के लिए आरक्षण बिल और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में खारिज होने के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी हुई।

सरकार ने किया था ये अनुरोध.

शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इसके चलते संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलने का इंतज़ार अभी जारी है। इस बिल का उद्देश्य था कि साल 2029 से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए और लोकसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाए। लेकिन इस प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया। वोटिंग के दौरान कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से 298 सदस्यों ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सदस्यों ने इसका विरोध किया। संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जिसके लिए कम से कम 352 वोट चाहिए थे, जो इस बिल को नहीं मिल सके। बिल पास न होने के बाद सरकार ने ओम बिरला से यह भी अनुरोध किया कि वे दो अन्य प्रस्तावित कानूनों पर फिलहाल आगे कार्रवाई न करें।

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