रॉबर्ट वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि उनकी पत्नी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी के चेहरे के रूप में आग बढ़ाना चाहिए। उनसे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कुछ ऐसी ही मांग की थी। इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया, "हर तरफ से मांग उठ रही है कि प्रियंका आगे आएं। मुझसे भी राजनीति में आने की मांग उठ रही है। लेकिन अभी हमें जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।"
प्रियंका गांधी को भविष्य का प्रधानमंत्री बनाने की बात पर वाड्रा ने NDTV से कहा, "लोग उन्हें बहुत प्यार करते हैं।" पार्टी के अंदरूनी लोग और समर्थक, सतर्कता से लेकिन बार-बार इस मुद्दे को उठाते हैं। वायनाड की सांसद में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की झलक देखने वालों को भी ये बात खूब भाती है।
उनके पति ने कहा, "प्रियंका बहुत मेहनत कर रही है... उसने अपनी दादी (इंदिरा गांधी) से बहुत कुछ सीखा है और उसका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। लोग उसमें इंदिरा गांधी की झलक देखते हैं (लेकिन) उसमें अपनी खुद की क्षमताएं भी हैं।"
वाड्रा ने अपनी पत्नी के बारे में कहा, "प्रियंका जनहितैषी मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती हैं... यहां तक कि कांग्रेस सांसद भी उन्हें भावी प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन देते हैं।" उन्होंने आगे कहा, निश्चित रूप से लोग उन्हें बहुत सम्मान की नजर से देखते हैं... क्योंकि उन्होंने वास्तव में उनके लिए बहुत मेहनत की है। जहां भी उनकी जरूरत होती है... वह हमेशा मौजूद रहती हैं। लोगों ने देखा है कि जरूरत पड़ने पर वह रातों-रात निकल जाती हैं।"
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रखी मांग
ANI न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मसूद ने कहा, "...क्या प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री हैं? उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे इंदिरा गांधी की तरह कैसे पलटवार करेंगी। वे प्रियंका गांधी हैं। उनके नाम के आगे 'गांधी' लगा है। वे इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया कि वे घाव अभी तक भरे नहीं हैं। उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे कैसे पलटवार करेंगी। आप ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगे।"
हालांकि, BJP ने पारंपरिक रूप से राहुल गांधी को राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा की मजबूत स्थिति को चुनौती देने वाले अपने मुख्य चेहरे के रूप में समर्थन दिया है। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में केंद्र से बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेने का आग्रह किया था।