ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों पर केंद्र की नजर! संभावित हिंसा के खिलाफ राज्यों को दी चेतावनी, J&K में इंटरनेट प्रभावित

Protests in India: अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश और कर्नाटक तक भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रविवार को शिया समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने इस घटनाक्रम पर आक्रोश एवं दुख व्यक्त किया

अपडेटेड Mar 02, 2026 पर 12:44 PM
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अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश जताने के लिए शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए

Protests in India: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों के भड़काऊ बयानों पर नजर रखें, जो ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद हिंसा का कारण बन सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चरमपंथियों तथा वैश्विक आतंकवादी समूहों के सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा है।

मंत्रालय ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि कोई भी कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही सतर्कता बढ़ाने को कहा गया है, क्योंकि वैश्विक घटनाओं का देश में भी असर पड़ सकता है। पत्र में राज्यों से अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित अमेरिका और इजरायल के वाणिज्य दूतावासों, दूतावासों और अन्य राजनयिक कार्यालयों के साथ-साथ दोनों देशों से जुड़ी अन्य संस्थाओं की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है।

ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति तथा सद्भाव बनाए रखा जा सके। अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश और शोक जताने के लिए रविवार को भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए थे। खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार (2 मार्च) को कश्मीर भर में मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई।


ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी पुष्टि की जिसके बाद भारत समेत दुनियाभर में प्रदर्शन हुए। एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया रहते हैं। उन्होंने बताया कि लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों को अमेरिका विरोधी और इजरायल विरोधी नारे लगाते हुए और मातम मनाने के तौर पर अपनी छाती पीटते हुए देखा गया।

हाई-स्पीड इंटरनेट प्रभावित

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में सभी मोबाइल नेटवर्क की हाई-स्पीड इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई है। इस बीच, पुलिस ने एक परामर्श जारी कर सभी मीडिया संस्थानों और न्यूज प्लेटफॉर्म से अपनी रिपोर्टिंग में उच्चतम स्तर की जिम्मेदारी और पेशेवर रवैया बरतने का आग्रह किया है।

एडवाइजरी में कहा गया है, "कृपया अपुष्ट जानकारी, अटकलों या अफवाहों को प्रकाशित करने से बचें। सुनिश्चित करें कि सभी रिपोर्टों को प्रसारित करने से पहले विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि की गई हो। और सनसनीखेज सुर्खियों से बचें जो अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती हैं।" पुलिस ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार तथा तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग आवश्यक है।

यूपी के कई हिस्सों में प्रदर्शन

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में लोगों ने रविवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। लखनऊ में छोटे इमामबाड़े पर बड़ी संख्या में खासकर शिया समुदाय के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने 'खामेनेई की शहादत' को बहुत बड़ी क्षति करार देते हुए अमेरिका और इजरायल के कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा की।

लखनऊ में छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक रविवार शाम को प्रदर्शनकारियों ने कैंडल मार्च निकाला। वहीं, जौनपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई एवं उनके परिवार के सदस्यों की मौत की सूचना पर शिया मुसलमानों ने रविवार की सुबह प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने ईरान के लोगों की सलामती की दुआ की। साथ ही हमले से प्रभावित देशों में रह रहे भारतीयों की समुचित सुरक्षा के लिए पहल की मांग की। अलीगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक खामेनेई की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पास इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया।

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मुजफ्फरनगर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक हजारों शिया मुसलमानों ने खामेनेई की हत्या के विरोध में उनकी तस्वीरें और काले झंडे लेकर जुलूस निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने किदवई नगर इलाके से फखरशाह चौक तक जुलूस निकाला। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा।

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