पंजाब की सियासत में छिड़ा CM की 'सेहत' पर संग्राम, भगवंत मान की बिगड़ती तबीयत, अस्पताल से सीधे रैली और फिर दोबारा भर्ती

Punjab CM Admit: घटना रविवार की है जब भगवंत मान अपने गृह क्षेत्र धूरी (संगरूर) में अरविंद केजरीवाल के साथ महाशिवरात्रि मना रहे थे। अचानक अस्वस्थ महसूस करने पर उन्हें चंडीगढ़ लाया गया और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इसे "बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी" का मामला बताया

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 8:56 PM
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पंजाब की सियासत में छिड़ा CM की 'सेहत' पर संग्राम, भगवंत मान की बिगड़ती तबीयत

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सेहत को लेकर पिछले 48 घंटों से हाई-वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जो इसके बाद हुआ उसने सबको हैरान कर दिया। सीएम अस्पताल से छुट्टी लेकर सीधे मोगा की एक बड़ी रैली में पहुंचे और भाषण देने के बाद दोबारा अस्पताल में भर्ती हो गए।

महाशिवरात्रि पर बिगड़ी थी तबीयत

घटना रविवार की है जब भगवंत मान अपने गृह क्षेत्र धूरी (संगरूर) में अरविंद केजरीवाल के साथ महाशिवरात्रि मना रहे थे। अचानक अस्वस्थ महसूस करने पर उन्हें चंडीगढ़ लाया गया और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इसे "बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी" का मामला बताया।


अस्पताल से सीधे 'नशे के खिलाफ जंग' में पहुंचे

सोमवार सुबह अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही मान ने सोशल मीडिया पर लिखा- "मोगा में मिलते हैं दोस्तों!" वे सीधे मोगा के किल्ली चाहलां गांव पहुंचे, जहां 'नशे के खिलाफ युद्ध' रैली का आयोजन था। वहां उन्होंने जोश भरा भाषण दिया, लेकिन रैली खत्म होते ही वे वापस मोहाली के अस्पताल पहुंच गए, जहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।

विपक्ष ने फिर उछाला 'शराब' वाला विवाद

भगवंत मान की खराब तबीयत ने विपक्षी दलों को हमला करने का मौका दे दिया है। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि सीएम अभी भी शराब पीते हैं, जबकि मान ने 2019 में अपनी मां की कसम खाकर इसे छोड़ने का संकल्प लिया था। खैरा ने चुनौती दी कि अगर मान शराब नहीं पीते, तो वे वीडियो पर आकर यह बात कहें। हालांकि, इन आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं है।

क्या मनोवैज्ञानिक दबाव में हैं मान?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भगवंत मान केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव में भी हो सकते हैं। चर्चा है कि दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी का नेतृत्व पंजाब में दो डिप्टी सीएम नियुक्त करने पर विचार कर रहा है, ताकि सत्ता और जातीय समीकरणों को साधा जा सके। इसमें हरपाल सिंह चीमा और अमन अरोड़ा के नामों की चर्चा है।

एक्सपर्ट की राय: "सेहत को निजी मामला न बनाएं"

डॉ. प्यारा लाल गर्ग और अन्य विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री एक सार्वजनिक पद है, इसलिए उनकी सेहत की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए ताकि अफवाहों पर लगाम लग सके। साथ ही उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि किसी की बीमारी पर व्यक्तिगत और अभद्र टिप्पणी करना पंजाब की संस्कृति का हिस्सा नहीं है।

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