Pushkar Mela 2025: ₹23 करोड़ का भैंसा और 15 करोड़ रुपये का घोड़ा...पुष्कर मेले में आकर्षण के केंद्र बने 'शाहबाज' और 'अनमोल'
Pushkar Mela 2025: पुष्कर मेले में 'शाहबाज' नामक 15 करोड़ रुपये का घोड़ा और 23 करोड़ रुपये का भैंसा 'अनमोल' लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पुष्कर का यह मेला भारत के प्रमुख पशु मेलों में से एक माना जाता है। इनमें से कई पशुओं की कीमत भी रिकॉर्ड तोड़ होती है
Pushkar Mela 2025: पुष्कर मेला 30 अक्टूबर से पांच नवंबर तक आयोजित किया जाएगा
PushkarMela 2025:राजस्थान के पुष्कर में आयोजित किए जा रहे वार्षिक पशु मेले में 15 करोड़ रुपये का घोड़ा और 23 करोड़ रुपये का भैंसा लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पुष्कर का यह मेला भारत के प्रमुख पशु मेलोंमेंसेएकमानाजाताहै। यहांपशुपालक न केवलउत्कृष्टनस्लोंकेपशुलेकरपहुंचतेहैं। बल्किइनमेंसेकईपशुओंकीकीमतभीरिकॉर्डतोड़होतीहै।
गिलने पीटीआई को बताया, "शाहबाजकईशोजीतचुकाहै। यहएकप्रतिष्ठितवंशसेहै। इसकी 'कवरिंगफीस'दोलाखरुपयेहै। हमइसके 15 करोड़रुपयेमांगरहेहैं।"
9 करोड़ के मिल चुके हैं ऑफर
'कवरिंगफीस'किसीमादापशुसेप्रजननकेलिएनरपशुकेमालिककोदीजानेवालीराशिहोतीहै। उन्होंनेबतायाकिमारवाड़ीनस्लकेइसघोड़े के लिए उन्हें पहले ही 9 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव मिल चुके हैं।
'अनमोल' की कीमत 23 करोड़
इस बार पशु मेले का एक और बड़ा आकर्षण 1500 किलोग्राम वजनी भैंसा 'अनमोल' है। इसकी कीमत 23 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके मालिक पलमिंद्र गिल ने कहा कि उन्होंने 'अनमोल'कोराजाओंकीतरहपालाहै। उन्होंनेकहा, "उसेहरदिनदूध, देसीघीऔरसूखेमेवेखिलाएजातेहैं।"
चौधरीनेबताया, "मेलेकेदौरान 2,000 सेअधिकपुलिसकर्मीतैनातहैं। सभीअधिकारियोंकोपूरीजानकारीदेदीगईहैताकिदर्शकोंकोकोईअसुविधा न हो।" मेलासातनवंबरतकजारीरहेगा। अबतक 4,300 सेअधिकपशुओंकारजिस्ट्रेशनहोचुकाहै, जिनमें 3,028 घोड़ेऔर 1,306 ऊंटशामिलहैं।
एकअधिकारीनेबतायाकिपशुपालनविभागनेव्यापारकेलिएआनेवालेहजारोंपशुओंकेस्वास्थ्यऔरसुरक्षासुनिश्चित करने के लिए पुष्कर मेले में निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील घिया ने बताया कि व्यापारियों और चरवाहों द्वारा मेले में पशुओं को लाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों पर विशेष चौकियां स्थापित की गई हैं।
उन्होंने कहा, "प्रत्येक पशु का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। पशु डॉक्टरों द्वारा जांच की जाएगी और प्रवेश से पहले टैग लगाए जाएंगे।' उन्होंने कहा कि ऐसी सावधानियां जरूरी हैं, क्योंकि पशुओं के समूह से संक्रामक रोग फैलने का खतरा अधिक रहता है।
घिया ने बताया, "विभागनेमेलास्थलपर 24 घंटेपशुचिकित्सादलऔरअधिकारियोंकीड्यूटीलगाईहै।" उन्होंनेबतायाकिपशुधनप्रबंधनमेंपारदर्शिताऔरनिगरानीसुनिश्चितकरनेकेलिएपशु, विशेषरूपसेऊंटों, गायों, भैंसोंऔरघोड़ोंकेरिकॉर्ड्सकाडिजिटलीकरणकियाजारहाहै।
मेलास्थलपर्यटकोंऔरव्यापारियोंसेगुलजारहै। एकअधिकारीनेबतायाकियहांपशुधनव्यापार, सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक, सर्वश्रेष्ठ अश्व नस्ल और सर्वश्रेष्ठ साज-सज्जा वाला ऊंट जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।