संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। वहीं इस विशेष सत्र के दूसरे दिन राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी लोकसभा में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने बहन प्रियंका गांधी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने ने कहा कि, 'मैंने जो 20 साल में हासिल नहीं किया, वो मेरी बहन ने 5 मिनट में अचीव कर लिया। कल प्रियंका गांधी ने लोकसभा में जो भाषण दिया को काफी बेहतरीन थी।'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, राष्ट्रीय परिदृश्य में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं. हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया। अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई।
राहुल गांधी ने संसद के विशेष सत्र में महिलाओं के आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह वास्तव में महिलाओं से जुड़ा बिल नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई सीधा संबंध नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी नक्शे को बदलने की एक कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि असल में यह एक गलत कदम है और इसे महिलाओं के हित में बताना सही नहीं है। इस बिल के पीछे असली मकसद कुछ और है, जिसे समझना जरूरी है।
बिल को बताया SC-ST और OBC के खिलाफ
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि, महिला आरक्षण बिल देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है। यह बिल एससी-एसटी और ओबीसी के खिलाफ है, उनके अधिकार छीनने का एजेंडा है। सरकार डरी हुई है। ये काम असम और जम्मू कश्मीर में कर चुके हैं, अब सरकार यही पूरे देश में करना चाहती है। इस बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई मतलब नहीं है।
संसद में बोलते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि संविधान के ऊपर मनुवाद को रखा जा रहा है। उन्होंने अमित शाह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बार-बार कह रहे हैं कि जाति जनगणना शुरू हो चुकी है और यह भी कहते हैं कि घरों की कोई जाति नहीं होती।राहुल गांधी ने कहा कि असली मुद्दा यह है कि क्या इस जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए होगा या नहीं। उनके मुताबिक, सरकार जो करने की कोशिश कर रही है, उससे ऐसा लगता है कि आने वाले 15 सालों तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई संबंध नहीं रखा जाएगा।