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Rahul Gandhi vs ECI: राहुल गांधी SIR का समर्थन कर रहे हैं या विरोध? चुनाव आयोग का कांग्रेस नेता पर पलटवार

Rahul Gandhi Vote Chori Row: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (5 नवंबर) को दावा किया कि पिछले साल हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख फर्जी मतों के जरिए वोट चोरी किया गया। राहुल गांधी के इस दावे के कुछ घंटे बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Nov 05, 2025 पर 4:43 PM
Rahul Gandhi vs ECI: राहुल गांधी SIR का समर्थन कर रहे हैं या विरोध? चुनाव आयोग का कांग्रेस नेता पर पलटवार
Vote Chori Row: चुनाव आयोग ने कहा कि हरियाणा को लेकर राहुल गांधी के दावे निराधार हैं

Rahul Gandhi vs Election Commission: चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बुधवार (5 नवंबर) को कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से हरियाणा में वोटर लिस्ट को लेकर लगाए गए आरोप निराधार हैं। आयोग ने कहा कि हरियाणा में राहुल की पार्टी के बूथ एजेंट की ओर से वोटर लिस्ट के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का समर्थन करते हैं, या वे इसका विरोध करते हैं।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस के बूथ एजेंट ने अक्टूबर, 2024 में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनावों में कई बार वोट डालने वाले मतदाताओं को चिह्नित क्यों नहीं किया। कांग्रेस नेता के आरोपों का खंडन करते हुए एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, "मतदाता सूची में संशोधन के दौरान कांग्रेस के बूथ स्तरीय एजेंटों द्वारा कोई दावा या आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई?"

बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) राजनीतिक दलों द्वारा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता को चिह्नित करने के लिए नियुक्त किए जाते हैं। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अधिकारियों ने इस बात को याद दिलाया कि मतदाता सूचियों के खिलाफ "शून्य अपील" दायर की गई थीं।वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में केवल 22 चुनाव याचिकाएं लंबित हैं।

चुनाव याचिका परिणामों की घोषणा के 45 दिनों के भीतर उस राज्य के हाई कोर्ट में दायर की जा सकती है। अधिकारी ने कहा, "कांग्रेस के पोलिंग एजेंट मतदान केंद्रों पर क्या कर रहे थे? उन्हें आपत्ति तभी करनी चाहिए जब मतदाता पहले ही मतदान कर चुका हो या यदि पोलिंग एजेंटों को वोटर की पहचान पर संदेह हो।"

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