Ram Mandir Chori News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय को क्‍लीन चिट! SIT की फाइनल रिपोर्ट क्या-क्या है?

Ram Mandir Chori News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भगवान राम मंदिर में कथित तौर पर दान की चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय को क्लीन चिट दे दी है। राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है

अपडेटेड Aug 18, 2026 पर 11:09 AM
Ram Mandir Chori News: मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राम मंदिर चोरी केस में चंपत राय को क्लीन चिट मिल गई है

Ram Mandir Chori News: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से क्लीन चिट मिल गई है। SIT दान और चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच कर रही थी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में स्थित भगवान राम मंदिर में कथित तौर पर दान की चोरी की जांच कर रही SIT ने ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को भी क्लीन चिट दे दी है। दान में चोरी के आरोपों के बाद मिश्रा और राय दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। यह ट्रस्ट अयोध्या राम मंदिर का प्रबंधन करता है।

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने सोमवार को राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में SIT की फाइनल जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने से पहले ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इसी एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार की है।

8 के खिलाफ FIR


प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामले में 25 जून को आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। श्री राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टीनू को नामजद किया गया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट ही बाद में दर्ज की गई FIR और आरोपियों की गिरफ्तारी संबंधी कार्रवाई का आधार बनी थी।

चंपत राय ने किसी भी गलत काम से इनकार किया

पूछताछ के दौरान, चंपत राय ने कथित गलत काम में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने ही शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई। खबरों के मुताबिक, राय ने SIT को यह भी बताया कि दान इकट्ठा करने में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अनियमितताओं को रोकना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि कथित गड़बड़ी के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की।

SIT की टीम में कौन-कौन थे?

राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने की थी। जबकि रेंज इंस्पेक्टर जनरल किरण एस और स्पेशल सेक्रेटरी (वित्त) नील रतन कुमार इसके अन्य सदस्य थे। पैनल ने 23 जून को राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी और कथित अनियमितताओं के संबंध में कई सिफारिशें कीं। शुरुआती रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 25 जून को FIR दर्ज की गई।

अयोध्या मंदिर दान विवाद

जून की शुरुआत में अयोध्या में राम मंदिर में मिले दान की गिनती में कथित तौर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। जांच के दौरान, SIT को कथित तौर पर फंड के गलत इस्तेमाल के शुरुआती सबूत मिले, जिसके बाद FIR दर्ज की गई। इस मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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