RBI Policy: सस्ते होंगे लोन, बाजार में आएगी ₹2.5 लाख करोड़ नकदी... RBI गवर्नर के भाषण की 10 बड़ी बातें
RBI MPC Meet Higlights: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार 6 जून को आम लोगों को एक बड़ी राहत दी। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बड़ी कटौती का ऐलान किया। RBI के इस फैसले से न सिर्फ होम लोन, ऑटो लोन और दूसरे कर्ज सस्ते हो सकते हैं। इसके RBI आरबीआई ने महंगाई दर, जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और देश के विदेशी मु्द्रा भंडार को लेकर भी कई ऐलान किए।
RBI MPC Meet Higlights: केंद्रीय बैंक ने कैश रिजर्व रेशियो में भी 1 फीसदी की कटौती का ऐलान किया
RBI MPC Meet Higlights: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार 6 जून को आम लोगों को एक बड़ी राहत दी। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बड़ी कटौती का ऐलान किया। RBI के इस फैसले से न सिर्फ होम लोन, ऑटो लोन और दूसरे कर्ज सस्ते हो सकते हैं। बल्कि आम लोगों की EMI में भी राहत मिल सकती है। साथ ही RBI ने कैश रिजर्व रेशियो में भी 1 फीसदी की कटौती का ऐलान किया, जिससे बैंकिंग सिस्टम्स में 2.5 लाख करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त नकदी आ सकती है। इसके अलावा आरबीआई ने महंगाई दर, जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और देश के विदेशी मु्द्रा भंडार को लेकर भी कई ऐलान किए।
RBI गवर्नजर संजय मल्होत्रा के भाषण की 10 बड़ी बातें-
1. रेपो रेट में लगातार तीसरी बार कटौती
RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में 0.50% कटौती का ऐलान किया है। इसके साथ ही रेपो रेट अब 6% से घटकर 5.5% हो गया है। यह कटौती अर्थशास्त्रियों की उम्मीद से भी अधिक था। मनीकंट्रोल के एक पोल में अर्थशास्त्रियों ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती का अनुमान जताया था। यह लगातार तीसरी बार है, जब आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है। इससे पहले अप्रैल और फरवरी में भी आरबीआई ने रेपो रेट घटाया था। हालांकि तब दोनों मौकों पर इसमें 0.25% की कटौती की थी। रेपो रेट में कटौती से खासतौर से होम लोन की दरों और EMIs सस्ती हो सकती है।
2. RBI ने अपना रुख 'उदार' से बदलकर 'न्यूट्रल' किया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने रुख को 'उदार' (Accommodative) से बदलकर 'न्यूट्रल' (Neutral) कर दिया है। यह बदलाव इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि अब ब्याज दरों में और कटौती की सीमित गुंजाइश बची है और आगे के फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।
3. बैंकिंग सिस्टम में आएगी 2.5 लाख करोड़ की अतिरिक्त नगदी
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में भी 100 बेसिस प्वाइंट यानी 1% की कटौती का ऐलान किया है। यह कटौती चार समान किस्तों में की जाएगी। CRR कटौती की यह प्रक्रिया 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर और 29 नवंबर से शुरू होगी। हर बार 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जाएगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, इस कदम से बैंकों के लिए फंडिंग की लागत घटेगी और कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।
4. RBI ने महंगाई दर के अनुमान को घटाया
आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई दर के अनुमान को घटा दिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई दर के अनुमान को 4% से घटाकर 3.7% किया गया है। उन्होंने बताया कि महंगाई दर के मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 2.9 फीसदी, दूसरी तिमाही में 3.4 फीसदी, तीसरी तिमाही में 3.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 4.4 फीसदी रहने का अनुमान है।
महंगाई दर का अनुमान
अभी का अनुमान
पहले का अनुमान
FY26
3.7%
4.0%
Q1FY26
2.9%
3.6%
Q2FY26
3.4%
3.9%
Q3FY26
3.9%
3.8%
Q4FY26
4.4%
4.4%
5. RBI ने GDP ग्रोथ के अनुमान को बरकरार रखा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौजूदा वित्त वर्ष के लिए GDP ग्रोथ के अनुमान को 6.5% पर बरकरार रखा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश की GDP ग्रोथ पहली तिमाही में 6.5 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रेपो रेट में कटौती से देश की आर्थिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
GDP ग्रोथ को लेकर अनुमान
अभी का अनुमान
पहले का अनुमान
FY26
6.5%
6.5%
Q1FY26
6.5%
6.5%
Q2FY26
6.7%
6.7%
Q3FY26
6.6%
6.6%
Q4FY26
6.3%
6.3%
6. SDF और MSF दरों में भी कटौती का ऐलान
RBI ने मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के दौरान स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दरों में भी 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती का ऐलान किया है। इस कटौती के बाद SDF की दर अब 5.75% और MSF की दर 6.25% हो गई है। यह बदलाव रेपो रेट में की गई 0.50% की कटौती के मुताबिक है। इस फैसले से बैंकों के पास अतिरिक्त नकदी की उपलब्धता बढ़ेगी और उधारी की लागत कम होगी, जिससे कर्ज की ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीद है। यह कदम आर्थिक ग्रोथ को गति देने की रणनीति का हिस्सा है।
7. विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत, 11 महीने के आयात कवर करने की क्षमता
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को बताया कि भारत के पास फिलहाल इतना मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) है कि वह 11 महीनों तक वस्तुओं के आयात को कवर कर सकता है। इसके अलावा, यह भंडार देश के 96% बाहरी कर्ज (External Debt) को भी कवर करने में सक्षम है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30 मई, 2025 तक 691.5 अरब डॉलर था, जो 23 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान 692.72 अरब डॉलर से कम है।
8. अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन से जुड़ी दिक्कतें कम हुईं
RBI गवर्नर ने कहा कि पहले रिटेल सेक्टर में अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड रिसीवेबल्स पोर्टफोलियो में जो तनाव देखा गया था, वह अब कम हो गया है। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में तनाव अभी भी बना हुआ है। बैंकों और NBFCs ने इन सेगमेंट में अपने बिजनेस मॉडल को फिर से सुधारना शुरू कर दिया है, अपने क्रेडिट अंडरराइटिंग प्रैक्टिसेज को मजबूत किया है और कलेक्शन प्रयासों को तेज किया है, ताकि भविष्य में इस सेगमेंट में किसी भी प्रकार के जोखिम के बढ़ने से बचा जा सके।
9. मॉनसून सामान्य रहने की उम्मीद
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सामान्य से ऊपर मानसून और उसकी जल्दी शुरुआत भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छा संकेत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, मौसमी अनिश्चितताओं और ग्लोबल व्यापार नीतियों पर सतर्क रहने की जरूरत है। गवर्नर के मुताबिक, मानसून की यह अनुकूल स्थिति कृषि पैदावार को बढ़ा सकती है, ग्रामीण मांग को बढ़ावा दे सकती है और इससे महंगाई पर भी नियंत्रण रहने की संभावना है।
10. भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ग्लोबल लेवल पर चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इसमें घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए अच्छे अवसर हैं।