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PRAGATI Meet: 'सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन...'; पीएम मोदी ने 'प्रगति' की 50वीं बैठक में 2026 के लिए इन मंत्रों पर दिया जोर

PRAGATI At 50th Meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (31 दिसंबर) को 'प्रगति' की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस प्लेटफॉर्म ने ₹85 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और देश भर में लंबे समय से अटकी इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं को हल करने में मदद की है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 31, 2025 पर 10:36 PM
PRAGATI Meet: 'सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन...'; पीएम मोदी ने 'प्रगति' की 50वीं बैठक में 2026 के लिए इन मंत्रों पर दिया जोर
PRAGATI At 50th Meet: 'प्रगति' ने पिछले एक दशक में 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को रफ्तार दी है

PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (31) को प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की 50वीं बैठक में सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र पर जोर दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट के हर स्टेज पर टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।'प्रगति' ने पिछले एक दशक में 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को रफ्तार दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में PRAGATI प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जाना चाहिए। ताकि नागरिकों के लिए तेज़ी से काम हो। साथ ही उन्हें बेहतर क्वालिटी मिले और अच्छे नतीजे मिलें।

पीएम मोदी ने कहा कि सुधारों की गति बनाए रखने और उनके लागू होने को सुनिश्चित करने के लिए PRAGATI जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों की गति को बनाए रखने और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 'प्रगति' आवश्यक है। उन्होंने कहा कि PRAGATI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय महत्व की लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि ‘प्रगति’ मंच का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय हित में लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘प्रगति’ सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पीएम ने इस उपलब्धि को भारत के गवर्नेंस कल्चर में 'गहरे बदलाव' का प्रतीक बताया।

PM मोदी ने कहा, "जब फैसले समय पर होते हैं, कोऑर्डिनेशन असरदार होता है और जवाबदेही तय होती है...तो गवर्नेंस की स्पीड बढ़ती है। इसका असर नागरिकों की जिंदगी में दिखाई देता है।" 50वीं मीटिंग में प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों में सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सेक्टर की पांच जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की। इनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

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