Raipur Mall Violence: 'तुम्हारी जाति क्या है?' पूछते हुए दक्षिणपंथियों ने मॉल में की तोड़फोड़, क्रिसमस सजावट किया बर्बाद

Raipur Mall Violence: छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बुधवार को लाठी लिए दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों ने रायपुर के एक मॉल में घुसकर तोड़फोड़ की। उन्होंने क्रिसमस की सजावट को निशाना बनाया और मॉल में लगे क्रिसमस ट्री और सांता क्लॉस की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया।

अपडेटेड Dec 25, 2025 पर 3:47 PM
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"'तुम्हारी जाति क्या है?' पूछते हुए दक्षिणपंथियों ने मॉल में मचाया कहर, क्रिसमस सजावट किया बर्बाद

Raipur Mall Violence: छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बुधवार को लाठी लिए दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों ने रायपुर के एक मॉल में घुसकर तोड़फोड़ की। उन्होंने क्रिसमस की सजावट को निशाना बनाया और मॉल में लगे क्रिसमस ट्री और सांता क्लॉस की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया। मॉल प्रबंधन ने बताया कि यह घटना तब घटी जब मॉल आधिकारिक तौर पर बंद था। उन्होंने कहा कि इस हिंसक घटना के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

मॉल प्रबंधन के अनुसार, 40-50 लोगों का समूह आक्रामक और हिंसक था। वे रॉड और हॉकी स्टिक लेकर मॉल में इधर-उधर भाग रहे थे और कर्मचारियों व अंदर मौजूद अन्य लोगों से पूछ रहे थे, 'क्या आप हिंदू हैं या ईसाई? आपकी जाति क्या है?' वे पहचान पत्र और बैज भी चेक कर रहे थे।

मैग्नेटो मॉल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, राजधानी पुलिस ने गुरुवार को 25-30 दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बीएनएस की कई संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इन कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर चोट पहुंचाने, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, दंगा करने और उपद्रव करने का आरोप है।


रायपुर SSP ने दी जानकारी

रायपुर के SSP लाल उमेद सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पुलिस ने घटना में शामिल कुछ लोगों की पहचान कर ली है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि क्रिसमस और नए साल की सजावट मॉल के अंदर और बाहर दोनों तरफ से की गई थी, जिसे बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस ने बताया कि मॉल के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर एक समूह को लाठियों के साथ अंदर घुसते और हंगामा करते देखा जा सकता है।

विश्व हिंदू परिषद प्रतिबंधित कर देना चाहिए

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे साझा करते हुए सवाल उठाया, "विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को हर त्योहार में दखल देने की इतनी सनक क्यों है? सबसे पहले तो वीएचपी को भारत में प्रतिबंधित कर देना चाहिए।"

सीसीटीवी फुटेज में करीब 30-40 युवकों का एक समूह परिसर में एक साथ प्रवेश करता दिखाई दे रहा है, जिनमें से कुछ के हाथों में लाठियां हैं, और वे मॉल में अफरा-तफरी मचाते हुए इधर-उधर भाग रहे हैं।

"...कहीं हमारी पिटाई न हो जाए"

एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया को बताया, "हमें डर था कि कहीं हमारी पिटाई न हो जाए। जब ​​तक पुलिस पहुंची, तब तक बहुत से सामान टूट-फूट चुके थे। सबसे बुरी बात यह थी कि इससे डर का माहौल बन गया था। क्या अब हम शीतकालीन त्योहार नहीं मना सकते?"

मॉल प्रबंधन ने 15-20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है और कहा है कि क्रिसमस की सजावट, डिस्प्ले आइटम और अन्य सामान तोड़ दिए गए हैं। अंदर से मिली तस्वीरों में क्रिसमस ट्री और अन्य त्योहारी सजावट बिखरे हुए और नष्ट हुए दिखाई दे रहे हैं।

अंबुजा मॉल को खाली कराया गया

मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के बाद, अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर विधान सभा रोड स्थित अंबुजा मॉल को खाली करा दिया। पुलिस ने विजिटर्स को बाहर निकाला और शाम को आने वालों को वापस भेज दिया।

इन घटनाओं ने बंद के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जबकि हिंदू संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं ने कांकेर जिले में हाल ही में हुए अम्बाबेड़ा हत्याकांड से जुड़े बंद के आह्वान का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था।

छत्तीसगढ़ के बंद को चैंबर ऑफ कॉमर्स और व्यापारियों आदि का व्यापक समर्थन मिला, वहीं दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्य कस्बों और शहरों में हर जगह मौजूद थे, जिससे सब्जी विक्रेताओं को भी अपनी दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ा।

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