Get App

Rising Bharat Summit 2026: देश में सैटेलाइट कनेक्टिविटी होना जरूरी, सिम बाइंडिंग आज के समय की जरूरत: सिंधिया

Rising Bharat Summit 2026: सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर समिट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सैटेलाइट वहां जा सकता है, जहां कोई दूसरी टेक्नोलॉजी नहीं जा सकती। यह भी बताया कि हम वोडाफोन आइडिया में सरकारी हिस्सेदारी 49% से ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहते

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 27, 2026 पर 1:34 PM
Rising Bharat Summit 2026: देश में सैटेलाइट कनेक्टिविटी होना जरूरी, सिम बाइंडिंग आज के समय की जरूरत: सिंधिया
सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम और मोबाइल टेक्नोलॉजी आज के टाइम में कोई लग्जरी नहीं रह गई है।

News18 राइजिंग भारत समिट 2026 का आगाज आज 27 फरवरी से हो गया। ओपनिंग सेशन ‘Aspirations Uninterrupted: Connecting a Billion Dreams’ टाइटल से रहा। इसमें केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत में 2030 तक 5G यूजर्स की संख्या 100 करोड़ होगी। यह भी कहा कि टेलीकॉम और मोबाइल टेक्नोलॉजी आज के टाइम में कोई लग्जरी नहीं रह गई है। इसके जरिए कंटेंट आगे बढ़ता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हमें साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी चुनौतियों से सुरक्षा सुनिश्चित करनी है। इसके अलावा सिम बाइंडिंग आज के समय की जरूरत बन गई है।

SIM बाइंडिंग एक सिक्योरिटी प्रोसेस है, जो एक खास फिजिकल SIM कार्ड को यूजर के मोबाइल डिवाइस और ऐप अकाउंट से जोड़ती है। इससे यह पक्का होता है कि बैंकिंग या मैसेजिंग ऐप तभी काम करें, जब वह खास SIM उस डिवाइस में एक्टिव हो।

सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर क्या बोले सिंधिया

सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर समिट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सैटेलाइट वहां जा सकता है, जहां कोई दूसरी टेक्नोलॉजी नहीं जा सकती। यह टेक्नोलॉजी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट के लिए 3 लाइसेंस और नॉर्मेटिव स्पेक्ट्रम असाइनमेंट दिए हैं। इन्हें स्टारलिंक, जियो और वनवेब को दिया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें