प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में चल रहे News18 Rising Bharat Summit में कहा कि AI Summit का आयोजन पूरे भारत के लिए गौरव का पल था, लेकिन दुर्भाग्य से देश की सबसे पुरानी पार्टी ने देश के इस उत्सव को मैला करने का प्रयास किया। विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस ने सिर्फ कपड़े ही नहीं उतारे, बल्कि अपने वैचारिक दिवालियापन को भी एक्सपोज कर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब नाकामी की निराशा और हताशा मन में हो, और अहंकार सिर चक्कर बोल रहा हो, तो देश को बदनाम करने की ऐसी सोच सामने आती है।
मोदी ने आगे कहा, "कांग्रेस की इस हरकत से देश में गुस्सा है, लेकिन इन्होंने अपने पाप को सही ठहराने के लिए महात्मा गांधी को सामने कर दिया। कांग्रेस हमेशा ऐसा ही करती है। जब अपने पाप को छिपाना हो, तो कांग्रेस बापू को आगे कर देती है, लेकिन जब गौरवगान करना हो, तो एक परिवार को सारा श्रेय दे देती है।"
मोदी ने आगे कहा, "लोकतंत्र में, विपक्ष का अर्थ केवल किसी भी बात का अंधाधुंध विरोध करना नहीं होता। इसका अर्थ है एक वैकल्पिक दृष्टिकोण पेश करना। इसीलिए इस देश की जनता कांग्रेस को सबक सिखा रही है। और यह कोई नई बात नहीं है। जनता पिछले चार दशकों से ऐसा करती आ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वोटों से वंचित नहीं किया जा रहा है। बल्कि, इस देश की जनता अब कांग्रेस को अपने वोट के योग्य नहीं समझती।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1984 में कांग्रेस को 39 प्रतिशत वोट और 400 से ज्यादा सीटें मिली थीं, और इसके बाद के चुनावों में कांग्रेस के वोट लगातार कम होते चले गए। आज कांग्रेस की हालत ऐसी है कि देश में सिर्फ चार राज्य ही बचे हैं, जहां कांग्रेस के 50 से ज्यादा विधायक हैं। पिछले 40 सालों में देश में युवा वोटरों की संख्या बढ़ती गई, और कांग्रेस साफ होती गई।