दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अब भारत नई कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, खासकर 6G के मामले में दुनिया का नेतृत्व करने की तैयारी में है। News18 Rising Bharat Summit में बोलते हुए उन्होंने बताया कि पहले भारत मोबाइल टेक्नोलॉजी में दुनिया के पीछे-पीछे चलता था- चाहे वो GSM हो, 2G, 3G या 4G।
लेकिन 5G के दौर में तस्वीर बदली। भारत ने सिर्फ 22 महीनों में दुनिया का सबसे तेज 5G रोलआउट किया। इस पर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ और आज देश के लगभग 35% मोबाइल यूजर्स 5G इस्तेमाल कर रहे हैं।
सिंधिया ने कहा, “5G में हम दुनिया के साथ चले, लेकिन 6G में हमारा लक्ष्य दुनिया को लीड करना है।”
उन्होंने बताया कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Bharat 6G Alliance की शुरुआत का विजन रखा। यह एक ऐसा मंच है, जिसमें कंपनियां, वैज्ञानिक, स्टार्टअप, शोधकर्ता और पूरी टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन जुड़ी हुई है।
पहले इस एलायंस में सिर्फ 15 सदस्य थे, लेकिन अब यह बढ़कर 100 हो चुके हैं। इसके अलावा 30 देशों- जैसे UK, अमेरिका, ब्राजिल और कई अफ्रीकी देशों- के साथ भी साझेदारी की गई है।
सिंधिया ने कहा कि अब भारत उन देशों के साथ बैठकर 6G के अंतरराष्ट्रीय मानक तय कर रहा है। पहले भारत इन चर्चाओं में शामिल नहीं होता था, लेकिन अब वह फैसले लेने वाली मेज पर मौजूद है।
उन्होंने यह भी बताया कि “हर व्यक्ति तक हर जगह कनेक्टिविटी” देने का भारत का प्रस्ताव, 6G के अंतरराष्ट्रीय मानकों में शामिल कर लिया गया है। ये मानक International Telecommunication Union (ITU) और 3GPP जैसी वैश्विक संस्थाएं तय कर रही हैं।