Ahmedabad Crypto Scam: डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले में शामिल एक गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर एक स्थानीय निवासी से USDT (टेथर) निवेश पर आकर्षक रिटर्न का वादा करके 57,90,000 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने फेसबुक के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। जान-पहचान बनाने के बाद, उन्होंने पीड़ित को "CBOE US" नाम का एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए राजी किया। इसके बाद पीड़ित को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बहाने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करने का निर्देश दिया गया।
तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी दोनों का उपयोग करते हुए पुलिस जांच में कई शेल (फर्जी) खातों में पैसों के लेनदेन का पता लगाया गया। गिरोह एक नेटवर्क के माध्यम से काम करता था, जहां दिल्ली में रहने वाले सदस्य बैंक डिटेल्स का मैनेजमेंट करते थे और दुबई में रहने वाले मयूर सावलिया नामक एक सरगना के साथ समन्वय करते थे।
संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद, अधिकारियों ने पाया कि गिरोह कम से कम पांच मुख्य बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था, जिनमें से चार खाते भारत के कई राज्यों में दर्ज 41 अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े थे। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इन खातों में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
ये खाते बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक सहित कई बैंकों में "CRSYTAL INTERIOR DESIGNERS PRIVATE LIMITED" के नाम से रजिस्टर्ड थे।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर और दिल्ली के निवासी ताहिर फजमोहम्मद बेलीम (42), अदनान लियाकतभाई शेख (28), एजाज जिलानीभाई शेख (34), ओमकारभारती महेशभारती गोस्वामी (28) - जाफराबाद/सूरत, मकसूद रफीकभाई मिर्जा (39) और सनी अशोककुमार मग्गो (38) - उत्तम नगर, दिल्ली शामिल हैं।
मुख्य आरोपी मयूर सावलिया अभी भी फरार है और माना जाता है कि वह दुबई से अपना काम कर रहा है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के साथ-साथ IT एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है।