Rajkot Cyber Fraud Case: गुजरात के राजकोट जिले में 1500 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी रैकेट में कथित संलिप्तता के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 9 हो गई है। यह जानकारी गुरुवार को एक पुलिस अधिकारी ने दी।
राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय गुर्जर ने बताया कि बुधवार को तेलंगाना निवासी आदिलुद्दीन मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया है। वह फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) में पैसे ट्रांसफर करने और फिर 'अंगड़िया' (पारंपरिक कूरियर) चैनलों के माध्यम से पैसे वापस लेने के काम में शामिल था।
उन्होंने गिरफ्तार किए गए अन्य दो व्यक्तियों की पहचान राजकोट के मिहिर रंगानी और हिरेन लिम्बासिया के रूप में की, जो बैंक खाते उपलब्ध कराने, पैसे निकालने और धनराशि ट्रांसफर करने के लिए जिम्मेदार थे।
पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि इस मामले में 13 फरवरी को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में विभिन्न निजी बैंकों में 15 खाते खोले गए थे, जिन्हें कृषि उपज बाजार समिति (मार्केटिंग यार्ड) फर्मों के माध्यम से सुनियोजित तरीके से संचालित किया जाता था।
एसपी ने बताया, “APMC (कृषि उपज मंडी समिति) खातों का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि जीएसटी और टीडीएस के अनुपालन नियम समान रूप से लागू नहीं होते थे, जिससे इनका दुरुपयोग आसान हो जाता था। इन खातों में तीन अलग-अलग श्रेणियों की धनराशि का लेन-देन होता था, जिनमें साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन, जुआ से संबंधित लेन-देन और जीएसटी गतिविधियों से जुड़ा धन शामिल है।”
उन्होंने आगे बताया कि अब तक की जांच में इन खातों से जुड़े लगभग 1500 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है।
पुलिस ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल-1930 पर कुल 180 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें गुजरात से 21 शिकायतें (2.94 करोड़ रुपये से संबंधित) और अन्य राज्यों से 159 शिकायतें (20.21 करोड़ रुपये से संबंधित) शामिल हैं।