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'1.25 करोड़ हिंदू लड़ने का फैसला करते हैं तो...', बांग्लादेश पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

RSS chief Mohan Bhagwat : इसके बाद 5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में ‘जुलाई विद्रोह’ नाम का आंदोलन शुरू हुआ। इस अशांति के दौरान कई जगहों पर हिंसक भीड़ ने हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया। व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों समेत कई लोगों की जान गई। शुरू में ये घटनाएं सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुईं, लेकिन बाद में ये अल्पसंख्यकों पर संगठित हमलों में बदल गईं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 2:43 PM
'1.25 करोड़ हिंदू लड़ने का फैसला करते हैं तो...', बांग्लादेश पर मोहन भागवत का बड़ा बयान
Mohan Bhagwat: मोहन भागवत ने रविवार को बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की स्थिति को लेकर कड़ा बयान दिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की स्थिति को लेकर कड़ा बयान दिया। मुंबई में आयोजित RSS लेक्चर सीरीज़ के दूसरे दिन बोलते हुए उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में करीब 1.25 करोड़ हिंदू रहते हैं। भागवत ने कहा, “अगर वे वहां रहकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होने और संघर्ष करने का फैसला करते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू उनका समर्थन करेंगे।” उन्होंने अपने भाषण में हिंदू समाज की एकता और आपसी सहयोग पर जोर दिया।

बांग्लादेश पर कही ये बात

मोहन भागवत मुंबई के नेहरू सेंटर, वर्ली में आयोजित दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में ‘संघ यात्रा के 100 साल: नए क्षितिज’ में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित किया गया था। पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। बताया जा रहा है कि यह स्थिति एक भारत-विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद और बिगड़ गई।

हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। इसके बाद 5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में ‘जुलाई विद्रोह’ नाम का आंदोलन शुरू हुआ। इस अशांति के दौरान कई जगहों पर हिंसक भीड़ ने हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया। व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों समेत कई लोगों की जान गई। शुरू में ये घटनाएं सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुईं, लेकिन बाद में ये अल्पसंख्यकों पर संगठित हमलों में बदल गईं। स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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