चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के साथ-साथ छह राज्यों में होने वाले उपचुनावों का भी ऐलान कर दिया है। ये उपचुनाव गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की सीटों पर होंगे। इसके साथ ही तीन लोकसभा सीटों पर भी उपचुनाव कराए जाएंगे, जिनमें पश्चिम बंगाल की बशीरहाट और मेघालय की शिलांग सीट शामिल हैं। इस सीटों में सबसे अहम सीट महाराष्ट्र की बारामती सीट है। गोवा, कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा में नौ अप्रैल को वोटिग होगी, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र को 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। इन राज्यों में भी 4 मई को मतगणना होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र की सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में गोवा की पोंडा, कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण, नागालैंड की कोरिडांग और त्रिपुरा की धर्मनगर सीट शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण में गुजरात की उमरेठ और महाराष्ट्र की राहुरी व बारामती सीटों पर मतदान होगा। इन सभी सीटों के वोटों की गिनती 4 मई को एक साथ की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
बारामती उपचुनाव पर सबकी नजरें
भारत निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 23 अप्रैल को कराए जाएंगे, जबकि इनके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। बारामती सीट पर उपचुनाव NCP नेता अजित पवार के निधन के कारण हो रहा है, जिनकी 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अजित पवार इस सीट से रिकॉर्ड आठ बार विधायक चुने गए थे। उनकी मृत्यु के बाद NCP ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाया है। सुनेत्रा पवार फिलहाल उपमुख्यमंत्री हैं और संवैधानिक नियमों के अनुसार उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद की सीट जीतना जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट से NCP नेता सुनेत्रा पवार के निर्विरोध जीतने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वे न तो विधायक (MLA) हैं और न ही विधान परिषद की सदस्य (MLC), लेकिन उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर किसी सदन की सदस्यता हासिल करनी जरूरी है। बताया जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी ने बारामती सीट NCP (SP) को दी है और शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट शायद इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगा। इसी बीच NCP के अजित पवार गुट ने सुनेत्रा पवार की राज्यसभा सीट खाली होने के बाद उस पर उनके बेटे पार्थ पवार का नाम आगे बढ़ाया है, जिससे पार्थ पवार के राज्यसभा पहुंचने की संभावना बन गई है।
अहिल्यानगर में भी हो रहे उपचुनाव
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव बीजेपी विधायक शिवाजी कार्डिले के निधन के बाद कराया जा रहा है। पिछले साल अक्टूबर में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण यह सीट खाली हो गई थी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इस सीट पर भी मतदान कराया जाएगा। बारामती सीट के विपरीत, राहुरी में विपक्षी दलों के अपने उम्मीदवार उतारने की संभावना है, इसलिए यहां चुनावी मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में अगर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाते हैं तो यह सबसे बेहतर होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर विपक्षी दल चुनाव लड़ते हैं, तो महायुति गठबंधन भी पूरी तरह तैयार है। फडणवीस के इस बयान से संकेत मिलता है कि गठबंधन ने इन उपचुनावों को लेकर गंभीरता से तैयारी कर ली है और जरूरत पड़ने पर चुनावी मुकाबले के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा।