Delhi School Closed: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की वजह से स्कूल हो सकते हैं बंद, बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल!

Delhi School Closed: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे कई स्कूलों ने आउटडोर गतिविधियां बंद कर दी हैं और बच्चों की सेहत की सुरक्षा के लिए इनडोर पढ़ाई और मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बढ़ते प्रदूषण के चलते कई अभिभावक ऑनलाइन क्लासेज की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें।

अपडेटेड Nov 09, 2025 पर 7:33 PM
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दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है, जहां कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया है। विभिन्न जगहों पर यह स्तर इतना खराब है कि सांस लेना लगभग 16-20 सिगरेट धूम्रपान करने के समान माना जा रहा है। इस कारण शहर में स्वास्थ्य संकट की स्थिति पैदा हो गई है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

स्कूलों रहेंगे बंद?

बढ़ती प्रदूषण के मद्देनजर, दिल्ली के कई स्कूलों ने आउटडोर एक्टिविटी रोक दी है और बच्चों की सेहत की सुरक्षा हेतु क्लासरूम के अंदर पढ़ाई कराई जा रही है। कुछ स्कूलों ने ग्राउंड पर असेंबली भी बंद कर दी है और एयर प्यूरिफायर लगाने जैसे कदम उठाए हैं। माता-पिता की मांग पर कई जगह ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने पर भी विचार हो रहा है, क्योंकि बहुत से बच्चे प्रदूषित हवा में स्कूल जाना ठीक नहीं समझ रहे।

कड़क नियम और प्रशासन की तैयारी


सरकार ने विंटर एक्शन प्लान के तहत कड़े नियम लागू किए हैं, जिसमें प्राथमिक स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था करने की सलाह शामिल है। इसके अलावा, दिल्ली और एनसीआर में कई इलाके ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के तहत स्टेज III और स्टेज IV में हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के लिए आपात कालीन उपाय किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य प्रभाव

दिल्ली के अधिकांश इलाकों में PM 2.5 और PM 10 कणों की मात्रा खतरनाक स्तर पर है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और गले में खराश बढ़ रही है। शहर के लोग स्कूली बच्चों को मास्क पहनाने, बाहर कम निकलने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

क्षेत्रों के अनुसार AQI की जानकारी

दिल्ली के कई इलाकों जैसे रोहिणी, जंगाहिरपुरी, मुंडका, वजीरपुर, आरके पुरम, पुसा आदि में AQI ‘सर्वियर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। इन जगहों पर हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि स्कूल बंद करने या पढ़ाई को ऑनलाइन करने की सख्त जरूरत है।

पारिवारिक और सरकारी दोनों स्तरों पर बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा ही अब प्राथमिकता है। प्रदूषण की बढ़ती समस्या के बीच स्कूलों का बंद होना या ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प बेहद जरूरी हो गया है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे स्कूलों के निर्देशों के प्रति सावधान रहें और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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