Shamli Love Jihad: चांदनी कुरैशी के प्यार में मुसलमान बना करोड़पति आयुष मलिक, हिंदू से मुस्लिम बनने पर जाति का क्या होता है? ये कड़े कानूनी नियम जान लीजिए
Shamli Religious Conversion Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयुष का गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में यूपी पुलिस ने एक महिला और उसके पिता को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आयुष मलिक (30) के धर्म परिवर्तन के मामले में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है
Shamli Religious Conversion Case: दवा कारोबारी का बेटा आयुष मलिक अब मोहम्मद अली बन गया है
Shamli Religious Conversion Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में करोड़पति आयुष मलिक के कथित जबरन धर्मांतरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आयुष का गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में शामली पुलिस ने एक महिला और उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन के मामले में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई आयुष के करोड़पति पिता की शिकायत के आधार पर की गई। आरोप है कि शामली में बड़े दवा करोबारी परिवार के बेटे आयुष को कई साल पहले महिला द्वारा एक सुनियोजित तरह से प्रेम जाल में फंसाया गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। जिले के दिग्गज दवा कारोबारी का बेटा आयुष मलिक धर्म परिवर्तन के बाद अब मोहम्मद अली बन गया है।
इन धाराओं में केस दर्ज
शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने एक मौलवी समेत 9 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318 (धोखाधड़ी), 336 (जाली दस्तावेज का उपयोग), 338 (वसीयत एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी), 308 (जबरन वसूली), 351 (आपराधिक धमकी) तथा उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मामला दर्ज किया है।
चांदनी कुरैशी और उसका पिता गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि मामले में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिग्गज दवा कारोबारी देवराज मलिक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, चांदनी कुरैशी ने प्रेम विवाह का झांसा देकर उनके बेटे आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराया। फिर निकाह के बाद उसकी संपत्ति हड़प ली। पुलिस के अनुसार, महिला आयुष को दिल्ली ले गई और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उससे कथित तौर पर निकाह किया।
पुलिस ने बताया कि स्वामी यशवीर महाराज समेत कुछ दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। आयुष अब मोहम्मद अली बन गया है। उसका कहना है कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया और चांदनी के साथ निकाह भी पूरी तरह से अपनी सहमति से किया था।
आयुष मलिक ने क्या कहा?
इस पूरे मामले को लेकर न्यूज18 ने आयुष से बातचीत की। धर्म परिवर्तन और चांदनी से निकाह को लेकर उठे विवाद के बीच आयुष ने अपने ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मलिक का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया और चांदनी के साथ निकाह भी पूरी तरह से अपनी सहमति से किया था। आयुष से मोहम्मद अली बने युवक ने बताया कि उनका निकाह करीब चार साल पहले हुआ था।
निकाह के बाद चांदनी अपने घर में ही रहती थी। जबकि वह अपने परिवार के साथ रहता था। उसने कहा कि जब उनकी बहन की शादी हो रही थी, तब मैंने अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी थी कि मैं इस्लाम स्वीकार कर चुका हूं। साथ ही उसने यह भी बताया कि चांदनी से मेरा निकाह हो चुका है। जब मैंने परिवार के सामने चांदनी की तस्वीर दिखाई, जिसमें वह हिजाब और बुर्के में नजर आ रही थी। तब परिवार के लोग हैरान रह गए थे। इसके बाद से परिवार के लोग उससे नाराज हो गए। आयुष ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
आरोप है कि आयुष की मुलाकात चांदनी से एक जिम में हुई थी। उस समय चांदनी जिम में ट्रेनर थी। बताया जा रहा है कि करोड़पति आयुष मलिक उसकी जिम में जाता था। इस दौरान चांदनी ने मोहब्बत में उसे फंसा लिया। फिर उसका ब्रेन वॉश करके निकाह कर लिया। और इसी के साथ आयुष मालिक को मोहम्मद अली बना दिया। हालांकि, आयुष ने कहा कि जिम से जोड़कर जो कहानी बनाई जा रही है, उसका असल से कोई संबंध नहीं है।
Shamli trader Ayush Malik, now Mohammad Ali, lands in controversy after Eid prayer pictures went viral, prompting father to file a forced conversion plaint. @Uppolice arrests his wife Chandni Qureshi & her father. Ayush denies allegations, says decision independent @timesofindiapic.twitter.com/4r3fIHy85d — Sandeep Rai (@RaiSandeepTOI) June 8, 2026
उसने न्यूज 18 को बताया कि आधिकारिक दस्तावेजों में अभी भी उसका नाम आयुष मलिक ही दर्ज है। उसने कहा कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। हालांकि, इस्लाम अपनाने के बाद उसने अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया था। उसका कहना है कि वह महान मुक्केबाज मोहम्मद अली और हजरत अली से प्रभावित था। इसी कारण उसने अपना नाम मोहम्मद अली रखा।
हिंदू से मुस्लिम बनने पर जाति का क्या होता है?
भारत में किसी सख्स के हिंदू धर्म से इस्लाम धर्म अपनाने पर उसकी जाति की सामाजिक और कानूनी स्थिति अलग-अलग तरह से देखी जाती है।
सामाजिक रूप से क्या कहा जाएगा?
धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति मुस्लिम कहलाता है। लेकिन कई मामलों में उसका मूल जातीय या पारिवारिक पृष्ठभूमि का प्रभाव समाज में बना रह सकता है। भारतीय मुस्लिम समाज में भी ऐतिहासिक रूप से कुछ सामाजिक समूह और बिरादरियां हैं। इसलिए पूर्व जातीय पहचान पूरी तरह समाप्त हो जाए, ऐसा हमेशा नहीं होता।
कानूनी रूप से क्या होगा?
अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा भारत में केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए मान्य है। यदि कोई SC समुदाय का व्यक्ति इस्लाम स्वीकार कर लेता है, तो सामान्यतः उसका SC आरक्षण का अधिकार समाप्त हो जाता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की स्थिति अलग हो सकती है। कई मुस्लिम समुदाय केंद्र या राज्यों की OBC सूची में शामिल हैं। धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति संबंधित नियमों के अनुसार OBC लाभ का पात्र हो सकता है।
अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा धर्म से नहीं जुड़ा है। यदि कोई ST व्यक्ति इस्लाम अपनाता है, तो उसका ST दर्जा बना रहता है।
उदाहरण के तौर पर समझें
यदि कोई व्यक्ति दलित (SC) हिंदू था और बाद में मुस्लिम बन गया, तो आम तौर पर उसे SC आरक्षण नहीं मिलेगा। संबंधित सरकारी नियमों के अनुसार। लेकिन यदि वह किसी ऐसी मुस्लिम बिरादरी से संबंधित माना जाता है जो OBC सूची में है, तो वह OBC कैटेगरी के तहत लाभ पाने का पात्र हो सकता है। ध्यान रहे कि वास्तविक स्थिति व्यक्ति की मूल जाति, राज्य, और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर कर सकती है।