महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। यहां ‘ठाकरे ब्रदर्स’ के संभावित मिलन ने महाविकास अघाड़ी (MVA) के समीकरण पूरी तरह उलझा दिए हैं। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के लोकल बॉडी चुनावों में बीजेपी नीत महायुति गठबंधन ने जिस तरह से एमवीए गठबंधन को करारी शिकस्त दी है। अब विपक्ष ने इस बात की तैयारी शुरू कर दी है कि आगामी चुनावों में महायुति के सामने वो कैसे वापसी करेंगे? इसके मद्देनजर ही उद्धव और राज ठाकरे की नजदीकियों का ऐसा इफेक्ट हुआ कि नाराज कांग्रेस ने मुंबई में एकला चलो का नारा बुलंद कर दिया है।
‘ठाकरे ब्रदर्स’ ने बढ़ाई सियासी हलचल
बता दें कि, महाराष्ट्र में ठाकरे भाइयों के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इसका ऐलान कल, 24 दिसंबर को दोपहर 12 बजे किया जा सकता है। अगर यह गठबंधन सामने आता है, तो इससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस संभावित समय को लेकर संकेत तब मिले, जब शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल और अटकलें और तेज़ हो गईं।
सोशल मीडिया पर संजय राउत ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एक साथ खड़ी तस्वीर शेयर की और इसके साथ सिर्फ़ तीन शब्द लिखे—“कल दोपहर 12 बजे।” भले ही यह संदेश छोटा था, लेकिन इसे दोनों नेताओं के बीच संभावित गठबंधन के आधिकारिक ऐलान का साफ़ संकेत माना जा रहा है। पोस्ट सामने आते ही महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हो गईं और हर तरफ़ इसी मुद्दे पर अटकलें लगने लगीं।
दोनों के बीच चल रही है बातचीत
पिछले कई दिनों से शिवसेना (ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच बातचीत चल रही है और दोनों दल साथ आने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। कुछ समय पहले संजय राउत ने संकेत दिया था कि सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा पूरी हो चुकी है। तभी से यह माना जा रहा था कि गठबंधन का ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है। अब जो नए संकेत सामने आ रहे हैं, उनसे लग रहा है कि यह इंतज़ार जल्द खत्म होने वाला है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाकरे भाई इस संभावित ऐलान के दौरान एकजुटता का मज़बूत संदेश दे सकते हैं। माना जा रहा है कि यह गठबंधन सत्ताधारी ग्रैंड अलायंस के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है, खासकर मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव से पहले। अगर शिवसेना (ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो मुंबई की सियासी गणित में बड़ा बदलाव आ सकता है। मराठी वोटरों के एक साथ आने की संभावना ने पूरे महाराष्ट्र का ध्यान खींचा है, जिस वजह से यह गठबंधन हाल के समय की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली राजनीतिक चालों में गिना जा रहा है।