Get App

Shri Banke Bihari Mandir: 'चढ़ावे में हेराफेरी नहीं होने देंगे'; श्री बांके बिहारी मंदिर में दान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! गड़बड़ी पर दी कड़ी चेतावनी

Shri Banke Bihari Mandir: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की देखरेख करने वाली प्रबंधन समिति को दान लेने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि हर दान मंदिर के खजाने में ही पहुंचना चाहिए

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 25, 2026 पर 4:24 PM
Shri Banke Bihari Mandir: 'चढ़ावे में हेराफेरी नहीं होने देंगे'; श्री बांके बिहारी मंदिर में दान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! गड़बड़ी पर दी कड़ी चेतावनी
Shri Banke Bihari Mandir: श्री बांकेबिहारी मंदिर में दान राशि के गबन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चढ़ावे में हेराफेरी नहीं होने देंगे

Bankey Bihari Temple: वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे के गबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि एक-एक पैसा दान पेटियों में या मंदिर के ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मंदिर की देखरेख करने वाली प्रबंधन समिति को दान लेने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि हर दान मंदिर के खजाने में ही पहुंचना चाहिए। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला आने के बाद वृंदावन में मंदिर प्रशासन अलर्ट है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पर दी गईं वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह की दलीलों पर गौर किया। सिंह ने तस्वीरें अदालत के सामने रखते हुए कहा कि बहुत गंभीर समस्याएं हैं। इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीठ ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "एक वीडियो है। तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं।" इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठ ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा मंदिर की दान पेटियों में या ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। 'सेवायत' या कोई और इसमें कोई बाधा पैदा करते हैं तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति मंदिर के खजाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करे।"

दान पेटी और ऑनलाइन भुगतान से होगी व्यवस्था

सब समाचार

+ और भी पढ़ें