सोलापुर नगर निगम चुनाव से एक बहुत ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है। वार्ड नंबर 2 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार शालन शंकर शिंदे ने जेल में रहते हुए चुनाव जीत लिया है। शालन शिंदे महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के शहर अध्यक्ष बालासाहेब सरवदे की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं।
सोलापुर के प्रभाग नंबर 2 से शालन शिंदे और रेखा सरवदे, दोनों ही BJP से टिकट चाहती थीं। BJP ने दोबारा शालन शिंदे पर भरोसा जताया और उन्हें उम्मीदवार बनाया। टिकट न मिलने से नाराज होकर रेखा सरवदे ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हालांकि, बाद में समाज के बुजुर्गों के समझाने पर उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया ताकि कोई विवाद न हो।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड 2 में पहले शिंदे, भाजपा विधायक विजयकुमार देशमुख के बेटे किरण देशमुख और MNS छात्र नेता की भाभी रेखा समेत कई दूसरे उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर थी।
वहीं खबरों के मुताबिक, रेखा ने शुरुआत में वार्ड 2 से भाजपा का टिकट पाने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें टिकट वापस लेने के लिए मजबूर किया गया।
विवाद तब बढ़ा जब शालन शिंदे के समर्थकों ने सरवदे के घर के सामने जाकर हंगामा किया और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली। इसका जवाब मांगने जब बालासाहेब सरवदे, शालन शिंदे के दफ्तर पहुंचे, तो वहां कथित तौर पर उनकी आंखों में मिर्ची फेंकी गई और उन पर तलवारों से हमला कर दिया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई।
उन्होंने दावा किया कि शिंदे और उनके परिवार ने उन्हें धमकी दी थी, जिसके बाद बालासाहेब के साथ उनकी कहासुनी हुई। इसी दौरान कथित तौर पर उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका गया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। बालासाहेब का अंतिम संस्कार 3 जनवरी को किया गया।
इस हत्या के मामले में भाजपा उम्मीदवार शालन शिंदे, उनके पति शंकर शिंदे और 15 अन्य लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
शालन शिंदे ने जेल के अंदर से ही चुनाव लड़ा और BJP के टिकट पर जीत हासिल की। एक हत्यारोपी का जेल से चुनाव जीतना पूरे इलाके में चर्चा और आश्चर्य का विषय बना हुआ है।