उत्तराखंड से एक बुरी खबर सामने आई है। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मच गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। ANI के मुताबिक, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया है कि वह घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
कहा जा रहा है कि मंदिर के रास्ते पर अचानक से बिजली का एक हाई वोल्टेज तार गिर गया। इसके चलते अफरातफरी और बाद में श्रद्धालुओं में भगदड़ मची। राहत और बचाव कार्य जारी है। मनसा देवी मंदिर हरिद्वार में बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। यह बिलवा पर्वत पर स्थित है। भगदड़ मंदिर की सीढ़ियों पर मची।
स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है: उत्तराखंड के CM
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है, 'हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। SDRF उत्तराखंड पुलिस, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इस संबंध में लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।'
ANI के मुताबिक, भगदड़ में 6 लोगों की मौत पर SSP प्रमेंद्र सिंह डोभाल का कहना है, "हमें कुछ लोगों के घायल होने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। लगभग 35 लोगों को हॉस्पिटल लाया गया और 6 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाकी का इलाज चल रहा है... शुरुआती रिपोर्ट हैं कि मंदिर मार्ग से 100 मीटर नीचे सीढ़ियों पर बिजली का झटका लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मची। हम आगे की जांच कर रहे हैं..."
मनसा देवी को भगवान शिव और माता पार्वती की सबसे छोटी बेटी माना जाता है। महाभारत के अनुसार, इनका वास्तविक नाम जरत्कारु है। मनसा देवी के भाई-बहन गणेश, कार्तिकेय, देवी अशोकसुंदरी, देवी ज्योति और भगवान अय्यपा हैं। हर साल सावन महीने में हरिद्वार में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है, खासकर कि हर की पौड़ी और मनसा देवी मंदिर में।