MP Stampede: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे में मंगलवार (10 फरवरी) को एक धार्मिक आयोजन के दौरान मची भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में एक बच्ची समेत सात लोग घायल हो गए हैं। भगदड़ तब हुई जब सुबह के समय मंदिर के उद्घाटन समारोह के तहत आयोजित 'कलश यात्रा' के लिए महिलाओं का एक बड़ा समूह डबरा स्टेडियम के पास इकट्ठा हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि ग्वालियर से करीब 45 किलोमीटर दूर डबरा में पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नरोत्तम मिश्रा द्वारा बनवाए गए नवग्रह मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मंगलवार को कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
ग्वालियर की जिलाधिकारी रुचिका चौहान ने पत्रकारों से कहा कि मंगलवार सुबह डबरा के स्टेडियम में बड़ी संख्या में महिलाएं कलश लेने के लिए इकट्ठा हुई थीं। इसी दौरान धक्का-मुक्की होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
उन्होंने बताया कि इस घटना में रति साहू (70) की मौत हो गई, जबकि छह महिलाएं और एक बच्ची घायल हो गईं। चौहान के अनुसार, घायलों में से तीन का इलाज ग्वालियर में और चार का डबरा में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल डबरा में स्थिति शांतिपूर्ण है। व्यवस्थाओं पर पूरी नजर रखी जा रही है।
ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अरविंद सक्सेना ने बताया कि कलश वितरण के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में महिलाएं आगे बढ़ गईं। इससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। इसमें एक महिला की मौत हो गई। उन्होंने बताया, "आयोजन को देखते हुए डबरा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। व्यवस्थाओं को और भी पुख्ता किया जा रहा है।"
कलेक्टर रुचिका चौहान ने ANI को बताया, "डबरा में आज सुबह से कलश यात्रा प्रस्तावित थी। कलश लेकर चलने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थी। जब कलश मिलना शुरू हुआ तब कलश जल्दी लेने के क्रम में कुछ धक्का मुक्की हुई है। अति उत्साह सा दिखा। पहले लाइन में धक्का मुक्की हुई। जिसमें एक 70 वर्षीय महिला श्रीमति शाहू की दम घुटने से मृत्यु हो गई। 4 महिलाएं भर्ती हैं, 3 लोगों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जिसमें एक 4 साल की बच्ची है।"
चश्मदीदों ने न्यूज 18 को बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा हो गई थी। कुछ औरतें एक-दूसरे को धक्का देने लगीं। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। जिला प्रशासन ने कहा कि इस घटना के बावजूद 'कलश यात्रा' बाद में अपने तय रास्ते पर चली। उन्होंने कहा कि यात्रा बिना किसी और अनहोनी के नवग्रह मंदिर पहुंच गई।