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हिमाचल में सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक, अब अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने अपने बजट सत्र के आखिरी दिन हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया। इस नए नियम के अनुसार, अगर कोई विधायक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होता है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 7:50 AM
हिमाचल में सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक, अब अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन
हिमाचल में सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक, अब अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने अपने बजट सत्र के आखिरी दिन हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया। इस नए नियम के अनुसार, अगर कोई विधायक दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होता है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में विधायकों के वेतन, भत्ते और पेंशन से संबंधित 1971 के अधिनियम में संशोधन किया गया है। नए प्रावधान के तहत, दलबदल के कारण संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित कोई भी विधायक अब पेंशन लाभ का हकदार नहीं होगा।

दलबदल पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम

इस संशोधन के पीछे का तर्क समझाते हुए सुक्खू ने कहा कि मौजूदा कानून में दलबदल को रोकने के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस संशोधन का उद्देश्य जनता के जनादेश की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना और दलबदल पर अंकुश लगाना है।

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